15 साल से वारंट की नहीं हुई तामील, झारखंड हाई कोर्ट ने डीजीपी को लगाई फटकार

झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और लातेहार एसपी को कड़ी फटकार लगाते हुए इस बात पर हैरानी जताई कि पूरा प्रशासनिक महकमा 15 वर्ष पहले जारी वारंट की तामील कराने में अब तक कैसे नाकाम रहा.

News18 Jharkhand
Updated: September 14, 2018, 12:37 PM IST
15 साल से वारंट की नहीं हुई तामील, झारखंड हाई कोर्ट ने डीजीपी को लगाई फटकार
झारखंड हाईकोर्ट
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Updated: September 14, 2018, 12:37 PM IST
झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और लातेहार एसपी को कड़ी फटकार लगाते हुए इस बात पर हैरानी जताई कि पूरा प्रशासनिक महकमा 15 वर्ष पहले जारी वारंट की तामील कराने में अब तक कैसे नाकाम रहा.

हाई कोर्ट के जज केपी देव ने गृह सचिव एसकेजी रहाटे, डीजीपी डी के पांडे और लातेहार के एसपी प्रशांत आनंद को खुद हाई कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था. जब शुक्रवार को ये अधिकारी जस्टिस केपी देव की अदालत में पेश हुए तो कोर्ट ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर जम कर प्रहार किया और कामकाज के तौर तरीकों में अविलंब सुधार लाने की हिदायत दी.

मामला लातेहार जिला के बरवाडीह थाने का है. यहां रहने वाले दशरथ सिंह पर 15 साल पहले वारंट जारी हुआ था जिसकी तामील नहीं हो सकी. कोर्ट ने बरवाडीह थानेदार को भी जम कर कोसा.

जस्टिस देव ने कहा कि राज्य में कोई अधिकारी काम ही नहीं करना चाहता है. उन्होंने जनता का विश्वास बनाए रखने की नसीहत देते हुए जानना चाहा कि अगर अधिकारी सही से काम नहीं करेंगे तो लॉ एंड ऑर्डर कैसे सुधरेगा ?

कोर्ट ने डीजीपी से पूछा कि राज्य में जितने भी वारंट लंबित हैं उनकी तामील कितने दिन में होगी? इस पर डीजीपी डीके पांडे ने 60 दिनों का समय मांगा. जज ने समयसीमा 10 दिन और बढ़ाते हुए 70 दिनों के अंदर विस्तृत जानकारी कोर्ट मे रखने का निर्देश दिया.

तीन दिसंबर को इस मामले पर अगली सुनवाई होगी.
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