नाबालिग लड़की को जबरन एसिड पिलाने के मामले में हाईकोर्ट ने हजारीबाग SP को किया तलब
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नाबालिग लड़की को जबरन एसिड पिलाने के मामले में हाईकोर्ट ने हजारीबाग SP को किया तलब
झारखंड हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

इस मामले में आरोपियों (Accused) पर अबतक कार्रवाई नहीं होने से नाराज हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने 21 अगस्त को हजारीबाग एसपी को हाजिर होकर पक्ष रखने को कहा है.

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रांची. झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने नाबालिग लड़की को जबरन एसिड पिलाये जाने के मामले में हजारीबाग एसपी (Hazaribagh SP) और केस के अनुसंधानकर्ता को अगली सुनवाई में हाजिर होने का आदेश दिया है. आरोपियों पर अबतक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को इस मामले में हजारीबाग एसपी को सुनवाई के दौरान हाजिर होकर पक्ष रखने को कहा है. हजारीबाग में पिछले वर्ष दिसंबर में नाबालिग लड़की को एसिड पिलाने का मामला सामने आया था. पीड़िता का रांची के रिम्स (RIMS) में कई दिनों तक इलाज चला था. दरअसल मीडिया में आई खबर के बाद हजारीबाग की महिला अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी. जिसके पश्चात कोर्ट ने स्वत संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की थी.

कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आने में देरी पर जताई चिंता 

इधर, कोरोना टेस्ट रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी पर भी झारखंड हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने स्वत संज्ञान पर सुनवाई करते हुए जांच प्रक्रिया में शिथिलता एवं विलंब से जांच रिपोर्ट आने पर चिंता जाहिर की है. साथ ही राज्य सरकार से राज्य के वैसे जिलों में जहां अभी तक जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है अविलंब जांच प्रक्रिया में तेजी लाने एवं जांच का दायरा बढ़ाने को कहा है.



इस मामले में अधिवक्ता धीरज कुमार की ओर से हस्तक्षेप याचिका दाखिल किया गया. जिसमें कोरोनावायरस के संक्रमित के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी के लिए रिम्स सहित राज्य के अन्य प्रमुख चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में प्लाज्मा बैंक तैयार करने व संग्रहित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में एफरेसिस मशीन व टेक्निशियंस  उपलब्ध कराने की मांग की है. जिस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार को विचार करने का निर्देश दिया.
जल संग्रहण पर सरकार से मांगी रिपोर्ट

वहीं राजधानी स्थित विवेकानंद सरोवर जिसे बड़ा तालाब के नाम से भी जानते हैं, उसकी साफ-सफाई को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तालाब के साफ सफाई और सौदर्यीकरण के नाम पर करोडों रुपया खर्च होने के बाद भी तालाब की नारकीय स्थिति पर चिंता जाहिर की है. साथ ही रांची व आसपास के विभिन्न जल संग्रहण व जल स्रोतों के साथ-साथ वाटर रिचार्ज सिस्टम पर राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. इस मामले में कोर्ट ने 4 सितंबर को अगली सुनवाई के दौरान नगर आयुक्त और नगर विकास सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का आदेश दिया है.
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