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'महत्वपूर्ण पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति नहीं' झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से मांगा जवाब

'महत्वपूर्ण पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति नहीं' झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से मांगा जवाब

Ranchi High Court News: झारखंड हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण पदों पर संविदा से बहाली को लेकर हेमंत सोरेन सरकार से जवाब मांगा है (फाइल फोटो)

Ranchi High Court News: झारखंड हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण पदों पर संविदा से बहाली को लेकर हेमंत सोरेन सरकार से जवाब मांगा है (फाइल फोटो)

Jharkhand High Court News: हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और झारखंड समेत कई हाई कोर्ट ने यह साफ निर्देश दिया है कि महत्वपूर्ण पदों पर अनुबंध और संविदा के आधार पर नियुक्ति नहीं की जा सकती, स्थायी प्रवृति के पदों पर स्थायी नियुक्ति ही सरकार को करनी होगी, लेकिन झारखंड में इस निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है.

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    रांची. झारखंड में कई महत्वपूर्ण पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) ने राज्य सरकार पर तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया है. सोमवार को सहायक प्रोफेसरों की अनुबंध पर की जा रही नियुक्ति के मामले पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने राज्य के महत्वपूर्ण पदों पर संविदा पर हो रही नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की. जस्टिस डॉ एसएन पाठक की कोर्ट (Justice Dr SN Pathak Court) ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य को बने 20 साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी भी महत्वपूर्ण पदों पर संविदा और अनुबंध पर ही नियुक्ति की जा रही है. यह किसी एक विभाग का मामला नहीं है बल्कि सभी विभाग में उच्च पदों पर भी अनुबंध पर नियुक्ति की जा रही है.

    हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और झारखंड समेत कई हाईकोर्ट ने यह साफ निर्देश दिया है कि महत्वपूर्ण पदों पर अनुबंध और संविदा के आधार पर नियुक्ति नहीं की जा सकती, स्थायी प्रवृति के पदों पर स्थायी नियुक्ति ही सरकार को करनी होगी, लेकिन झारखंड में इस निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है. हर दिन अदालत में इस तरह के मामले आ रहे हैं.

    हाई कोर्ट ने सरकार और राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को प्रतिवादी बनाया. सभी विश्वविद्यालयों से यह बताने को कहा कि सहायक प्रोफेसरों के कितने पद रिक्त हैं और कितने सृजित हैं. वर्तमान में कितने पदों पर लोग कार्यरत हैं. 15 दिसंबर तक अदालत ने सभी विश्वविद्यालयों को इसकी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया.

    जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में ब्रह्मानंद साहू समेत 64 लोगों की याचिका पर सुनवाई हो रही थी। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत को बताया गया कि सभी प्रार्थी वर्ष 2017 से विभिन्न विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसरों के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन वर्ष 2021 में सरकार ने विज्ञान जारी किया है और फिर से संविदा के आधार पर सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति शुरू कर दी है.

    न्यायालय को बताया गया कि पहले भी सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि यदि कुछ समय के लिए संविदा पर नियुक्ति की गयी है तो संविदा पर नियुक्ति के लिए नया विज्ञापन जारी नहीं करना होगा. जो लोग काम कर रहे हैं उन्हें ही मौका दिया जाना चाहिए। संविदा पर काम करने वाले लोगों को हटा कर दोबारा संविदा पर ही नियुक्ति नहीं की जानी चाहिए. प्रार्थियों ने अदालत से सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने का आग्रह किया है.

    Tags: Jharkhand High Court, Jharkhand news, Ranchi High Court, Ranchi news

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