झारखंड: JPSC सीमित परीक्षा, डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति में आरक्षण के लाभ पर HC ने दिया ये अहम फैसला

मामला 2010 के जेपीएससी सीमित परीक्षा के विज्ञापन से जुड़ा है.

मामला 2010 के जेपीएससी सीमित परीक्षा के विज्ञापन से जुड़ा है.

कोर्ट ने सीमित परीक्षा डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति में आरक्षण के लाभ पर अपना फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि संयुक्त बिहार के दौरान हुई परीक्षा में बिहार के जिन अभ्यर्थियों को झारखंड कैडर मिला था. उन्हें वर्तमान में आरक्षण का लाभ प्रोन्नति में ही मिलना संभव हो सकेगा.

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रांची. झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को जेपीएससी सीमित परीक्षा, डिप्टी कलेक्टर में हुई नियुक्ति में आरक्षण के लाभ पर एक अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने इससे पहले एकल पीठ के पूर्व के आदेश को खारिज करते हुए खंडपीठ की बेंच में अपना फैसला सुनाया. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन एवं जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने एकल पीठ के पूर्व के फैसले को खारिज करते हुए सरकार और जीपीएससी के पक्ष को सही ठहराया. कोर्ट ने सीमित परीक्षा डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति में आरक्षण के लाभ पर अपना फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि संयुक्त बिहार के दौरान हुई परीक्षा में बिहार के जिन अभ्यर्थियों को झारखंड कैडर मिला था. उन्हें वर्तमान में आरक्षण का लाभ प्रोन्नति में ही मिलना संभव हो सकेगा. नई नियुक्ति में इसका लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा.

मामला 2010 के जेपीएससी सीमित परीक्षा के विज्ञापन से जुड़ा है. जिसमें स्थानीय जाति प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र की अनिवार्य शर्त रखी गई थी. जिसको लेकर प्रार्थी अखिलेश प्रसाद और मनोज कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट में इसको लेकर याचिका दाखिल की थी. इस याचिका पर एकल पीठ ने पूर्व में फैसला सुनाते हुए झारखंड कैडर में नौकरी करने वालों को आरक्षण का लाभ देने का निर्देश दिया था. जिसके बाद एकल पीठ के इस फैसले को सरकार और जेपीएससी ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी थी. जिसके बाद बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाते हुए नियुक्ति और प्रोन्नति में आरक्षण के लाभ को स्पष्ट कर दिया.

आपको बता दें कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और वहां भी राज्य सरकार को राहत नहीं मिली थी. और पूरे मामले को झारखंड हाईकोर्ट वापस कर दिया गया था.

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