अपना शहर चुनें

States

Jharkhand : श्रम और कृषि कानूनों के खिलाफ रांची में वामपंथी संगठनों ने किया प्रदर्शन

रांची का दिल समझे जाने वाले अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन करते वामपंथी संगठन.
रांची का दिल समझे जाने वाले अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन करते वामपंथी संगठन.

इस विरोध-प्रदर्शन में मौजूद एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा 'हम अपनी अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र पर हमले को स्वीकार नहीं करेंगे. हम पुराने कानूनों को वापस लाएंगे. यह अंबानी या अडानी का साम्राज्य नहीं, बल्कि हमारा देश है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 4:58 PM IST
  • Share this:
रांची. आज झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) में वामपंथी दलों (Left organizations) ने श्रम और कृषि कानूनों (labour and agriculture laws) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (protest) किया. रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर जुटे इन संगठनों के लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए. इस विरोध-प्रदर्शन में मौजूद एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा 'हम अपनी अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र पर हमले को स्वीकार नहीं करेंगे. हम पुराने कानूनों को वापस लाएंगे. यह अंबानी या अडानी का साम्राज्य नहीं, बल्कि हमारा देश है.'

गौरतलब है कि कृषि और श्रम कानूनों के विरोध में 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था. इस हड़ताल को बैंक एप्लायी असोसिएशन का भी समर्थन है. इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल, असम, केरल और झारखंड में देखने को मिला. इन जगहों पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया. झारखंड में हड़ताल सफल बनाने के लिए कोलकर्मी, मजदूर, किसान समेत कई सेक्टरों ने समर्थन दिया है.


'60 लाख मजदूर हड़ताल में शरीक'



सीटू महासचिव प्रकाश विल्पव के मुताबिक, जमशेदपुर इलाके में टाटा की सहयोगी कंपनियां बंद हैं. एलआइसी, बैंक और फार्मास्यूटिकल में कामकाज बंद हैं. प्रकाश के मुताबिक, झारखंड में लगभग 60 लाख मजदूर इस हड़ताल के समर्थन में हैं. चाईबासा की तांबा खदानों और कोयला खदानों में काम बंद है, हालांकि धनबाद में यह विरोध थोड़ा कमजोर रहा है. सूत्रों ने बताया है कि प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल में रेल रोकी है. भुवनेश्वर में कई संगठनों ने प्रदर्शन किया. केरल के कोच्चि में बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं. यहां भी ट्रेड यूनियनों ने केंद्र के नए श्रम और कृषि कानूनों के खिलाफ हड़ताल किया है.

बैंककर्मियों का भी समर्थन

झारखंड में बैंककर्मी हाल ही में लाए गए श्रम कानूनों का विरोध कर रहे हैं. इस तरह इस हफ्ते बैंक संबंधी काम निपटाना मुश्किल हो सकता है. क्योंकि गुरुवार को बंद रहने के बाद शुक्रवार को बैंक खुलेंगे और फिर शनिवार और रविवार को फिर बंद हो जाएंगे. महीने के चौथे शनिवार को भी बैंक बंद रहते हैं. हड़ताल में बैंकों के अलावा 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन शामिल हो रही हैं. ये सभी लेबर लॉ का विरोध कर रहे हैं. हालांकि भारतीय मजदूर संघ इस हड़ताल का हिस्सा नहीं है.

हड़ताल की वजह

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लोकसभा में हाल ही में 3 नए श्रम कानून पारित हुए हैं. कारोबार आसानी के नाम पर 27 मौजूदा कानूनों को समाप्त कर दिया गया है. ये कानून शुद्ध रूप से कॉरपोरेट जगत के हित में हैं. नए श्रम कानून का कॉरपोरेट जगत ने स्वागत किया है. नए कानूनों में श्रमिकों को किसी तरह का संरक्षण नहीं मिलेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज