सुर्खियां: विदेश में मजदूरों की मौत परिवार को मिलेगा 5 लाख रुपये, हड़ताल के कारण रिम्स से लौटे 13 सौ मरीज

विदेशों में झारखंड के मजदूर की असामयिक मौत होने पर राज्य सरकार उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये देगी. श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री ने स्वीकृति दे दी है. वित्त, विधि और कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह योजना सूबे में लागू हो जाएगी.

News18 Jharkhand
Updated: June 18, 2019, 8:53 AM IST
सुर्खियां: विदेश में मजदूरों की मौत परिवार को मिलेगा 5 लाख रुपये, हड़ताल के कारण रिम्स से लौटे 13 सौ मरीज
विदेश में मजदूरों की मौत परिवार को मिलेगा 5 लाख रुपये
News18 Jharkhand
Updated: June 18, 2019, 8:53 AM IST
पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में आईएमए की अपील पर डॉक्टरों की हड़ताल का झारखंड में व्यापक असर दिखा. हड़ताल के दौरान सूबे में करीब 12 हजार डॉक्टर कार्य बहिष्कार पर रहे. सरकारी व निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दी, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में ओपीडी सेवा संचालित नहीं होने के चलते 13 सौ से ज्यादा मरीज इलाज से वंचित रह गये. हालांकि गंभीर किस्म के मरीजों का इमरजेंसी में इलाज किया गया. इस खबर को सभी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है.

विदेश गये मजदूरों की मौत पर सरकार देगी पांच लाख 



विदेशों में झारखंड के मजदूर की असामयिक मौत होने पर राज्य सरकार उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये देगी. श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री ने स्वीकृति दे दी है. वित्त, विधि और कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह योजना सूबे में लागू हो जाएगी. इस योजना का नाम मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना रखा गया है. इसका लाभ वैसे लोगों को मिलेगा, जो झारखंड के निवासी होंगे. उम्र 18 से 65 वर्ष तक होगी और परिवार की सालाना आय 72 हजार रुपये से अधिक नहीं होगी. दरअसल मजदूरों की मौत पर उसका परिवार पूरी तरह से बिखर जाता है. ऐसे में वैसे परिवारों को सहारा देने के लिए सरकार ने यह पहल की है. इस खबर को दैनिक भास्कर ने हेडलाइन में छापा है.

जिलास्तरीय नियुक्ति में आर्थिक आरक्षण पर लगेगी रोक 

झारखंड में जिलास्तर की नियुक्तियों में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने पर फिलहाल रोक लग सकती है. सरकार इसके लिए अध्यादेश लाने की तैयारी में है. कार्मिक विभाग ने अध्यादेश के प्रारूप को कैबिनेट में भेज दिया. कैबिनेट की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. दरअसल गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के प्रावधान को जातिगत आंकड़े आने तक के लिए स्थगित रखा गया है. पिछड़े, दलित और आदिवासियों के आधिकारिक आंकड़े आने के बाद सरकार गरीब सवर्णों के लिए कोटा तय करेगी. इस खबर को हिन्दुस्तान ने फ्रंट पेज पर छापा है.

ये भी पढ़ें- Doctors Strike: तीन सौ किमी आने के बावजूद चार साल के शिवम को नहीं मिला इलाज

रिम्स: डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज व परिजन हलकान
Loading...

 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...