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Jharkhand: अब उपहार की जगह दवा बांट रहा है डाक विभाग! रांची के ये आंकड़े कर सकते हैं हैरान

Jharkhand: अब उपहार की जगह दवा बांट रहा है डाक विभाग! रांची के ये आंकड़े कर सकते हैं हैरान

Jharkhand News: रांची में डाक विभाग लोगों के घर दवा पहुंचा रहा है.

Jharkhand News: रांची में डाक विभाग लोगों के घर दवा पहुंचा रहा है.

Jharkhand News: नये साल के मौके पर डाक विभाग (Postal Department) के द्वारा अपनों को उपहार भेजने की पुरानी परंपरा रही है. लेकिन, साल 2022 की शुरुआत के साथ ही कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर के आने के कारण लोग उपहार की जगह अपने लोगों को दवा भेज रहे हैं.

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रांची. नये साल के मौके पर डाक विभाग (Postal Department) के द्वारा अपनों को उपहार भेजने की पुरानी परंपरा रही है. लेकिन, साल 2022 की शुरुआत के साथ कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर के आने के कारण लोग उपहार की जगह अपने लोगों को दवा भेज रहे हैं. झारखंड की राजधानी रांची में डाक विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार 20 से 25 प्रतिशत तक पार्सल में दवा भेजे गए हैं. मतलब अब डाक विभाग लोगों का दर्द ही नहीं दवा बांटने का काम भी कर रही है.

इस बारे में नामकुम के सब पोस्ट मास्टर विनय कुमार के का कहना है कि इस बार उपहार की जगह बैंगलोर, दिल्ली, मुम्बई, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत विदेशों से भी दवा रांची डाक विभाग तक पहुंच चुके हैं. ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि जब उपहार के सीजन में इतनी ज्यादा मात्रा में दवा के बॉक्स पहुंचे हो .

दवा वाले पार्सल को दी जा रही प्राथमिकता
इस बार नये साल के आगमन के साथ कोरोना की तीसरी लहर का भी प्रवेश हुआ. ऐसे में इस संक्रमण से अपनों को बचाने की चिंता की वजह से दवा वाले पार्सल में वृद्धि हुई है. नामकुम के राष्ट्रीय पार्सल हब में डाक कर्मी हर एक डाक को छांटने में लगे है. सुपरवाइजर अनिल ठाकुर ने बताया कि हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, रांची, खूंटी, लोहरदगा जिले के लिये आये डाक में दवा वाले डाक को प्राथमिकता दी जा रही है. हर जिले में समय पर डाक पहुंचे इसके लिये वाहन की विशेष व्यवस्था है .

24 घंटे के अंदर डिलिवरी का टास्क
बता दें, डाक विभाग को अब तक लोगों का दर्द बांटने वाला विभाग कहा जाता रहा है. लेकिन, इस कोरोना काल में डाक विभाग हर दर्द की दवा बांटने में लगा है. गांव-गांव, घर-घर तक डाकिया के माध्यम से दवा के डाक पहुंचाए जा रहे है. 24 घंटे के अंदर दवा की डिलीवरी करने का टास्क हर डाकिया को दिया गया है. ताकि बगैर दवा से किसी की मौत ना हो. लेकिन, कई बार लोगों के व्यवहार डाकिया को थोड़ी परेशानी हो जाती है.

पोस्ट मैन अंकित कुमार और जलेश्वर सिंह के मुताबिक समय रहते दवा पहुंचाना उनका पहला कर्तव्य है. चाहे वो दिए गए पता के माध्यम से हो या मोबाइल नंबर के माध्यम से दवा हर हाल में सही दरवाजे तक पहुंचा दी जाती है .डाक विभाग में दवा के डाक के बढ़ते आंकड़ों को समझने की जरूरत है. इससे पहले तक कोरोना संक्रमण काल में दवा को लेकर हुई मारामारी को लेकर डरे लोग अपनों को समय से पहले दवा उपलब्ध कराने में लगे है , ताकि उनकी जान पर किसी तरह की कोई आफत ना आए.

Tags: Corona Virus, Postal department, Ranchi news

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