झारखंड का अपना विधानसभा भवन बनकर तैयार, PM मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

धुर्वा के कूटे गांव में झारखंड विधानसभा का आलिशान भवन बन चुका है. उम्मीद है कि ये भवन अगस्त महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा और इसे भवन निर्माण विभाग को दे दिया जाएगा.

Rajesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: August 16, 2019, 8:47 AM IST
झारखंड का अपना विधानसभा भवन बनकर तैयार, PM मोदी कर सकते हैं उद्घाटन
झारखंड का अपना विधानसभा भवन बनकर तैयार, पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन
Rajesh Kumar
Rajesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: August 16, 2019, 8:47 AM IST
झारखंड विधानसभा का वर्तमान परिसर अब इतिहास बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. मानसून सत्र खत्म होने के साथ ही अब इस परिसर में कोई सत्र नहीं बुलाया जाएगा. दरअसल, झारखंड विधानसभा का नया भवन बन कर करीब-करीब तैयार हो चुका है. अब इस परिसर में स्पीकर झंडा नहीं फहराएंगे. बता दें कि धुर्वा के कूटे गांव में झारखंड विधानसभा का नया और आलीशान भवन बन चुका है. उम्मीद है कि ये भवन अगस्त महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा और इसे भवन निर्माण विभाग को सौंप दिया जाएगा. झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 17 सितंबर को बुलाए जाने की संभावना है.

झारखंड के नये विधानसभा भवन का पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मुख्यमंत्री रघुवर दास सरकार नये भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी से कराने का इरादा रखती है. इसके अलावा उप राष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर से भी संपर्क किया जा रहा है. अगला जश्न ए आजादी झारखंड के नये विधानसभा परिसर में होगा. झारखंड विधानसभा का नया भवन आधुनिक व्यवस्था से लैस होगी. यहां सौर ऊर्जा से 40 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति होगी. इसका निर्माण लगभग 365 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है. इसकी खूबसूरती देखने लायक  होगी.

Jharkhand Vidhansabha Bhavan
पिछले 19 सालों से जनता की अकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता रहा है ये विधानसभा भवन.


15 अगस्त को झंडा फहराने के बाद स्पीकर दिनेश उरांव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह भवन लगभग 19 साल तक जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक बना रहा. माननीय हरसंभव जनता की आवाज उठाते रहे. अब नये भवन में अगला स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया जाएगा. वर्तमान परिसर पहले रसियन हॉस्टल था और सभा कक्ष लेनिन हॉल के नाम से जाना जाता था. उसे ही विधानसभा भवन के रुप में विकसित किया गया था. अबतक वही विधानसभा यानी राज्य की सबसे बड़ी पंचायत रही हैं. रुस के लोगों ने एचईसी क्षेत्र में इसका निर्माण कराया था. यहां वे लोग रहते थे. साल 2000 में जब झारखंड अलग हुआ तब जगह और भवनों की तलाश शुरू हुई. एचईसी के भवनों में सचिवालय बनाया गया. आज वहीं से सरकार चल रही है.

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रह चुके एके पांडेय उस समय सचिव के रैंक में थे. उन्होंने कई जरूरत के लिए एचईसी के प्रबंधन से मिलकर सरकारी दफ्तरों के लिए भवन की तलाश की. आज भी प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस जैसे भवनों में सरकारी दफ्तर चल रहे हैं.

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First published: August 16, 2019, 7:49 AM IST
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