कंटेनमेंट जोन से भागे तो 7 साल के लिए जाएंगे अंदर, झारखंड पुलिस हुई सख्त
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कंटेनमेंट जोन से भागे तो 7 साल के लिए जाएंगे अंदर, झारखंड पुलिस हुई सख्त
कुछ दिन पहले हिंदपीढ़ी के 20 लोग लोहरदगा में पकड़े गये, जिन्हें क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया.

सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि हिंदपीढ़ी (Hindpidhi) इलाके के कई लोग हरमू नदी के रास्ते से बाहर निकलते पकड़े गये. इनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है.

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रांची. कोरोना कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) घोषित रांची के हिंदपीढ़ी (Hindpidhi) इलाके से लगातार लोग पुलिस की नजरों से बचकर बाहर निकल रहे हैं. हाल में यहीं के 20 लोग लोहरदगा में पकड़े गये. अब ऐसे लोग पर पुलिस (Police) और सख्ती दिखाने की ठानी है. ऐसे लोगों के खिलाफ गैर जमानती धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्हें सात साल तक की सजा (Punishment) हो सकती है.

पुलिस की नजरों से बचकर बाहर निकल रहे लोग

हिंदपीढ़ी इलाके में लॉकडाउन का सौ फीसदी पालन करवाना रांची पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. हाल में यहीं के 20 लोग लोहरदगा में पकड़े गए, जिन्हें क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया. पुलिस ने हिंदपीढ़ी के 15 एंट्री और एक्जिट पॉइंट को सील कर दिया है. इलाके के 13 स्थानों पर भी पुलिस पैनी नजर रख रही है. इसके बावजूद लोग चोरी-छिपे पुलिस की नजरों से बचकर यहां से बाहर निकल जा रहे हैं.



बाहर भागने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई



अब ऐसे लोगों के पुलिस ने कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है. कंटेनमेंट जोन से बाहर निकलने वाले लोगों पर गैर जमानती धारा के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें सात साल तक की सजा हो सकती है. सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि हाल के दिनों में कई लोग हरमू नदी के रास्ते यहां से निकलने का प्रयास करते नजर आए. हालांकि पुलिस की तत्परता की वजह से वे पकड़े गये. इनसभी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.

सिटी एसपी ने बताया कि हरमू नदी के रास्ते बाहर निकलने की घटना को देखते हुए पुलिस ने नदी के आसपास में गश्ती तेज कर दी है. इसका नतीजा है कि बाहर जाने की कोशिश करते लोग पकड़े जा रहे हैं. इनसभी के खिलाफ गैर जमानती धारा के तहत कार्रवाई होगी.

गर्भवती महिलाओं की बनाई जा रही सूची 

हिंदपीढ़ी इलाके में लॉकडाउन की सख्ती के साथ-साथ लोगों की जरूरतों का भी ख्याल रखा गया है. प्रशासन की ओर से घरों तक राशन एवं अन्य जरूरी सामान पहुंचाये जा रहे हैं. इलाके के 8 हजार घरों को 15 दिनों को मुफ्त राशन सरकार की ओर से दिया गया है. गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार की जा रही है, ताकि प्रसव के समय उन्हें मेडिकल की सुविधा मुहैया करायी जा सके. हाल में लॉकडाउन की सख्ती के कारण इलाके की एक गर्भवती महिला अस्पताल नहीं पहुंच पाई. पुलिसवालों ने जाने नहीं दिया. लिहाजा महिला ने घर में ही बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसकी तत्काल मौत हो गई.

राज्य का सबसे बड़ा कोरोना गढ़

हिंदपीढ़ी में अबतक कोरोना के 27 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से दो कोरोना संक्रमित पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि पांच मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं. राज्य में कोरोना का सबसे बड़ा गढ़ बनकर हिंदपीढ़ी उभरा है.

रिपोर्ट- ओमप्रकाश

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