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अब तांत्रिकों से बॉन्ड भरवाएगी झारखंड पुलिस, डायन-बिसाही के मामलों पर तैयार हुआ मास्टर प्लान

अब तांत्रिकों से बॉन्ड भरवाएगी झारखंड पुलिस, डायन-बिसाही के मामलों पर तैयार हुआ मास्टर प्लान

अंधविश्वास फैलाने वाले तांत्रिकों  पर झारखंड पुलिस नकेल कसने को तैयार. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अंधविश्वास फैलाने वाले तांत्रिकों पर झारखंड पुलिस नकेल कसने को तैयार. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jharkhand News: झारखंड पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2015 से 2021 के इन छह वर्षों में डायन-बिसाही के नाम पर 259 लोगों की हत्या कर दी गई. इनमें सर्वाधिक चाईबासा की 40, गुमला की 32, खूंटी की 29, सिमडेगा की 22 और रांची की 20 महिलाएं शामिल हैं. इस अवधि में डायन-बिसाही से जुड़े कुल 4680 मामले राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए.

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रांची. डायन- बिसाही हत्याओं और उत्पीड़न के मामलों से तांत्रिक, पाहन, पुजारी सबसे अहम कड़ी होते हैं. ये ऐसे लोग हैं जो न केवल अंधविश्वास को जन्म देते हैं बल्कि इस आड़ में विभिन्न तरहों की वारदातों को अंजाम देने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं. कई बार खुद को साबित करने के लिए तो कई बार गांव के दबंगों के कारण किसी निर्दोष को डायन बताकर प्रताड़ित करवाते हैं या फिर हत्या करवाते हैं. इसके लिए ये अंधविश्वास का जाल बिछाते हैं. इसे देखते हुए राँची पुलिस भी मामले पर गंभीर है और वैसे लोगों की पहचान कर रही है जो इस तरह की घटना में संलिप्त रहे हैं.

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं. तमाड़, बुंडू, हटिया, अनगड़ा, नगड़ी, ओरमांझी, नरकोपि जैसे इलाकों में इस तरह की वारदातें  हुई हैं. रांची पुलिस ने इस मामले में अबतक की जानकारी के अनुसार 6 तांत्रिकों को आइडेंटिफाई कर उनसे बॉन्ड भरवाया है. मामले की जानकारी देते हुए रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने कहा कि ऐसे लोगो से बॉन्ड भरवाने के साथ साथ उन्हें विशेष रूप से भी निर्देशित भी किया जा रहा है कि वो इस तरह का काम न करें वरना उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि, रांची के ग्रामीण इलाके के लोग इस विषय पर कुछ खुल कर बोलने के बचते हैं, लेकिन इतना जरूर कहते हैं कि जमीन को लेकर गांव के ही मजबूर एयर कमजोर लोगों को निशाना बनाया जाता है. ग्रामीण जयमंती ने बताया कि गांव के ही दबंग तांत्रिकों की मदद से वैसे लोगो को टारगेट करते हैं.

झारखंड में डायन हत्या के मामले
झारखंड पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2015 से 2021 के इन छह वर्षों में डायन-बिसाही के नाम पर 259 लोगों की हत्या कर दी गई. सर्वाधिक मामले चाईबासा की 40, गुमला की 32, खूंटी की 29, सिमडेगाकी 22 और रांची की 20 महिलाएं शामिल हैं. इस अवधि में डायन-बिसाही से जुड़े कुल 4680 मामले राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए. मामलों में गांव वालों ने एकजुट और एकमत होकर ये हत्याएं कीं.

झारखंड पुलिस मुख्यालय का निर्देश
बता दें कि झारखंड में अब भी डायन बिसाही के मामलों को लेकर हत्याओं का दौर जारी है, लेकिन मामले के सबसे अहम कड़ी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती थी. जिस कारण डायन हत्या के मामले कम नहीं हो रहे. जिसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने ये निर्देश सभी एसपी को दिया कि ऐसे लोगों को आइडेंटिफाई करे. मामले को लेकर आईजी अभियान अमोल विणुकान्त होमकर ने बताया कि डायन हत्या एक अभिशाप है और इसे खत्म करने को लेकर प्रयास किया जा रहा है. इसके साथ ही जागरूकता कैम्पेन भी चलाया जा रहा है.

केंद्र से रिपोर्ट हुई थी तलब 
केंद्र से रिपोर्ट तलब करने के बाद झारखंड पुलिस और सरकार डायन हत्या के मामलों पर अंकुश लगाने को लेकर नई रणनीति पर काम कर रही है. अब देखना होगा इसका कितना फायदा मिल पाता है क्योंकि धरातल पर इसे इम्प्लीमेंट करना उतना आसान भी नहीं. दरअसल,  अंधविश्वास का मकड़जाल हर तरफ फैला हुआ है. ऐसे में झारखंड पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है.

Tags: Crime News, Jharkhand news, Jharkhand Police, Ranchi news, Ranchi Police

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