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झारखंड में सियासी खटपट: कांग्रेस और राजद के बीच शुरू हुई हकमारी की लड़ाई

झारखंड में सियासी खटपट: कांग्रेस और राजद के बीच शुरू हुई हकमारी की लड़ाई

झारखंड में राजद-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज है (फाइल फोटो)

झारखंड में राजद-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज है (फाइल फोटो)

Jhrakhand Politics: बिहार की तरह कांग्रेस-राजद के महागठबंधन के बीच भड़क रही कलह की चिंगारियां झारखंड तक जा पहुंची हैं. झारखंड की राजनीति में महागठबंधन के प्रमुख ये दोनों ही दल जुबानी जंग में फिलहाल एक दूसरे की राजनीतिक औकात बताने में जुटे हैं.

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रांची. बिहार के बाद अब झारखंड में कांग्रेस और राजद आमने-सामने नजर आ रही है. दोनों ही दलों के नेता एक-दूसरे को राजनीति के मैदान में कमजोर बताने में जुटे हैं. गठबंधन के अंदर इस खटपट के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है, वहीं मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने झारखंड की राजनीति में कांग्रेस और राजद को जनाधार विहीन बता कर नई बहस छेड़ दी है .

इस राजनीतिक लड़ाई को सियासी मैदान में हकमारी और सेंधमारी के नजरिये से देखा जा रहा है . मनिका में मिलन समारोह के बहाने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने राजद को कमजोर बताते हुए इस जुबानी जंग शुरुआत की. राजद इस बयान के बाद से लगातार रामेश्वर उरांव पर निशाना साध रही है. राजद पूर्व के राजनीतिक इतिहास को याद दिलाते हुए रामेश्वर उरांव को आइना दिखाने में लगा है. राजद के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार ने कहा है कि मनिका चुनाव में रामेश्वर उरांव किसकी वजह तीसरे स्थान पर आए थे, ये उन्हें याद ही होगा. कुछ भी बोलने से पहले सोचना चाहिए.

डालिये जरा इतिहास पर नजर

झारखंड गठन के पहले और उसके बाद संसदीय राजनीतिक इतिहास को देखे , तो इस जुबानी जंग के मायने और मतलब आपको समझ में आ जाएंगे. दरअसल कांग्रेस और राजद के बीच हकमारी और सेंधमारी की लड़ाई गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर और गोड्डा जैसे जिलों में है, जहां दोनों ही दलों का जनाधार है.

उरांव को कांग्रेस नेताओं का साथ नहीं मिल रहा

रामेश्वर उरांव ने जिस जुबानी जंग की शुरुआत की, उसे कांग्रेस के दूसरे नेता फिलहाल बढ़ाने के पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं. राजनीतिक तूल पकड़ता देख वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने तो राजद सहित गठबंधन के सभी दलों का जनाधार होने की बात कहते हुए इस मामले को शांत करने की कोशिश शुरू कर दी है. उनके अनुसार गठबंधन में शामिल हर किसी को एक-दूसरे के राजनीतिक ताकत का अहसास बेहतर तरीके से है, इसे किसी को बताने या जताने की जरूरत नहीं .

भाजपा का निशाना-दोनों दल जनाधार विहीन, विश्वास खो चुके

कांग्रेस और राजद की इस लड़ाई में मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने निशाना साधा है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दोनों ही दल को जनाधार विहीन बताते हुए कहा है कि सरकार और गठबंधन में सबकुछ ठीक ठाक नहीं है. ये बात सही है कि चुनाव के वक्त समीकरण इनके पक्ष में होने की वजह से कुछ सीट जीतने में जरूर कामयाब हुए पर जनता के बीच इन दोनों ही दलों ने अपना विश्वास खो दिया है.

ज्यादा सीटें पाले में करने की सियासत

राजनीति में हर एक बयान और घटनाक्रम के मायने होते हैं, ऐसे में कांग्रेस और राजद के बीच इस लड़ाई के भी कुछ राजनीतिक मायने हैं. भविष्य के चुनाव में खुद की दावेदारी को मजबूत करने और अधिक से अधिक सीट अपने पाले में करने को लेकर गठबंधन के अंदर भी अभी से खिचड़ी पकनी शुरू हो गई है. अब ये खिचड़ी कितनी स्वदिष्ट बनती है इसके लिये तो अभी इंतजार करना होगा.

Tags: Congress, Congress politics, Jharkhand news, Jharkhand Politics, Ranchi news, RJD

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