कोरोना ने झारखंड सरकार के कामकाज पर लगाई ब्रेक, 125 कर्मचारी संक्रमित, सचिवालय में पसरा सन्नाटा

झारखंड सचिवालय के 125 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. (फाइल फोटो)

झारखंड सचिवालय के 125 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. (फाइल फोटो)

Corona Infection in Jharkhand Secretariat: झारखंड सचिवालय में कोरोना का ख़ौफ़ साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है. विभाग में कामकाज की रफ्तार धीमी हो गई है.

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रांची. झारखंड में कोरोना विस्फोट (Corona Blast) के बाद रांची स्थित सचिवालय (Jharkhand Mantralaya) में सन्नाटा पसरने लगा है. जानकारी के अनुसार, झारखंड मंत्रालय में कोरोना संक्रमितों की संख्या 125 के पार चली गई है. सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद रोस्टर की मांग तेज होने लगी है.

कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों ने झारखंड सरकार के कामकाज की रफ्तार को धीमा कर दिया है. विभागीय फाइलों पर कोरोना संक्रमण का डर दिखने लगा है. यही वजह है कि सचिवालय के मुख्य द्वार से विभागीय कार्यालय तक कोरोना का ख़ौफ़ साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है. कुर्सियां खाली पड़ी हैं और जहां लोग मौजूद हैं, वहां भी संक्रमण को लेकर चिंता की लकीरें उनके चेहरे पर पढ़ी जा सकती है. सचिवालय पहुंचने वाले कर्मी डरे और सहमे हुए हैं. उनकी चिंता अपने परिवार के दूसरे सदस्यों को लेकर भी है. वो काम तो करना चाहते है, पर काम के साथ स्वस्थ भी रहना चाहते हैं. इसके लिए साप्ताहिक रोस्टर की मांग लगातार उठ रही है.

झारखंड में पिछले 10 दिनों में कोरोना के रफ्तार ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है. बात चाहे सचिव स्तर के अधिकारियों की करें या कर्मचारियों की लगातार वो कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं. शुक्रवार तक सचिवालय में 101 लोगों के संक्रमित होने की सूचना थी, जो अब बढ़ कर 125 के पार चली गई है. जितने लोग संक्रमित हैं, उससे ज्यादा लोग बीमार हैं, जिनका कोरोना टेस्ट होना अभी बाकी है. साप्ताहिक रोस्टर के पीछे का तर्क यह है कि इससे कोरोना संक्रमण का चेन टूटेगा. वहीं, सरकारी कार्यालयों में सेनिटाइजेशन नहीं होने पर नाराजगी देखने को मिल रही है.

झारखंड में हर दिन कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2 हजार के पार रह रहा है. सचिवालय कर्मियों के लगातार संक्रमित होने से सरकारी फाइलों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है और अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो पहले से कर्मियों की कमी का दंश झेल रहे झारखंड में सरकारी काम पर और बुरा असर पड़ेगा.
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