झारखंड: 600 से ज्यादा बंद पड़े उद्योगों को फिर से शुरू करने में मदद करेगी सोरेन सरकार

उद्योगपतियों ने सीएम सोरेन से मुलाकात की.

उद्योगपतियों ने सीएम सोरेन से मुलाकात की.

Ranchi News: झारखंड (Jharkhand) में 600 से ज्यादा बंद पडे उद्योगों (ndustries) को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार स्वतः संज्ञान लेकर सूची बना रही है.

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रांची. झारखंड (Jharkhand) में 600 से ज्यादा बंद पडे उद्योगों (ndustries) को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार स्वतः संज्ञान लेकर सूची बना रही है. उनके रिवाईवल के लिए हरसंभव सहयोग के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. स्टेक होल्डर्स की समस्याओं पर झारखंड चैंबर के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भरोसा दिया. स्टेक होल्डर्स की समस्याओं पर चर्चा के लिए बीते मंगलवार को फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज की बैठक मुख्यमंत्री के साथ प्रोजेक्ट भवन में संपन्न हुई. सीएम के साथ चैंबर की संपन्न बैठक काफी साकारात्मक रही और उन्होंने एक-एक बिंदु पर क्रमवार चैंबर अध्यक्ष को संतुष्ट करने की कोशिश की.

सीएम हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि राज्य में 600 से ज्यादा बंद पडे उद्योगों को पुनर्जीवित करने के मकसद से हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य में पर्यटन विकास के मुद्दों पर भी उन्होंने वार्ता की और कहा कि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल निर्माण सहित अन्य प्रोजेक्ट लगाने में सरकार का उद्यमियों के साथ लचीला रुख रहेगा. टूरिज्म नीति के तहत ऐसे उद्यमियों को हरसंभव सहयोग किया जायेगा. उन्होंने प्रदेश में राइस मिलों को भी और बढाने पर जोर दिया.चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा ने मुख्यमंत्री से कहा कि कोविड-19 के कारण महामारी, मंदी और महंगाई को लेकर चिंताएं अभी भी हैं. लेकिन यदि सरकार और स्टेकहोल्डर्स आपसी समन्वय से विकास कार्यों को गति दें तब राज्य का निश्चित ही आर्थिक विकास होगा.

उद्योगपतियों ने बताई समस्याएं

सीएम से मुलाकात के दौरान चैंबर द्वारा कई विभागों उद्योग, विद्युत, परिवहन, स्टार्टअप्स, नगर निगम, लॉ एण्ड आर्डर, ट्रैफिक एवं भूमि सुधार से संबंधित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष जाहिर किया गया. चैंबर द्वारा वर्तमान में कार्यशील सभी औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत संरचना को विकसित करने तथा एमएसएमई मैनुफैक्चरिंग सेक्टर और स्टार्टअप्स के लिए सभी जिलों में 25 एकड अतिरिक्त लैंड बैंक विकसित करने का सुझाव दिया गया.  यह भी कहा गया कि झारखण्ड औद्योगिक नीति एवं क्रय नीति का अनुपालन सरकारी विभागों द्वारा निर्गत निविदाओं में नहीं होने से उद्यमियों को कठिनाई हो रही है.
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