Home /News /jharkhand /

Jharkhand: प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहें अभ्यर्थियों के लिए वरदान के रुप में साबित हो रहा टिफिन का कारोबार

Jharkhand: प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहें अभ्यर्थियों के लिए वरदान के रुप में साबित हो रहा टिफिन का कारोबार

Jharkhand: वर्क फ्रॉम होम के कल्चर ने भी टिफिन कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है.

Jharkhand: वर्क फ्रॉम होम के कल्चर ने भी टिफिन कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है.

Jharkhand: कोरोना काल में जहां एक तरफ लोग बाहर के खाने पीने से परहेज़ कर रहे हैं तो वहीं प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहें अभ्यर्थियों के लिए वरदान के रुप में साबित हो रहा है टिफिन का कारोबार

    रांची. कोरोना काल में जहां एक तरफ लोग बाहर के खाने पीने से परहेज़ कर रहे हैं तो वहीं प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहें अभ्यर्थियों के लिए वरदान के रुप में साबित हो रहा है टिफिन का कारोबार. ऐसा इसलिए क्योंकि परीक्षा की तैयारियों में लगे अभ्यार्थियों को इतना समय नहीं मिल पाता है कि वह कुकिंग कर सके. चेहरे पर मास्क और हाथों में ग्लव्स पहने टिफिन लेनी पहुंची रश्मि बताती हैं कि वो रांची के लालपुर के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर सिविल परीक्षा की तैयारी कर रही है. परीक्षा की तैयारियों के बीच अधिक समय नहीं मिल पाता है. इसलिए टिफिन सिस्टम ही उसका एक मात्र साधन है.

    वर्क फ्रॉम होम के कल्चर ने बढ़ाई टिफिन कारोबारियों की परेशानी
    हालांकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन की आशंकाओं के बीच कई लोगों ने बड़े शहरों को छोड़कर अपने घरों का रुख किया है. वर्क फ्रॉम होम के कल्चर ने भी टिफिन कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है. अनलॉक के बाद व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई थी. व्यापार धीरे-धीरे फिर से पटरी पर लौट रहा था, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर व्यापारियों के चेहरों से मुस्कान छीन ली है.

    टिफिन सर्विस उपलब्ध कराने वाली हिना देवी बताती है कि पहले लगभग 200 लोगों से अधिक ग्राहक थे. इनको टिफिन उपलब्ध कराया जा रहा था. अब बमुश्किल 40 से 50 लोग ही बचे है. कोरोना के कारण लोग बाहर से खाना मंगवाने में डरते है.

    बाज़ार से आने वाली सब्ज़ियों को पहले किया जाता है सैनिटाइज़
    हिना आगे बताती है कि संक्रमण से बचाव के लिए बाज़ार से आने वाली सब्ज़ियों को पहले सैनिटाइज़ किया जाता है. खाना बनाने से पहले किचन को भी सैनिटाइज़ किया जाता है. पूरी सावधानी के साथ खाना बनाया जा रहा है. इसके बावजूद ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है.

    वहीं पसीने से भीगी कमीज और चूल्हे की आंच पर सब्ज़ी बनाते हुए विष्णु बताते हैं कि टिफिन का कारोबार ही उनके लिए रोज़गार का एकमात्र साधन हैं लेकिन कोरोना की वजह से पिछले 2 साल से व्यापार ठप है. घर में बूढ़ी मां बीमार है. मां के दवाइयों के लिए पैसे नहीं है. सरकार के तरफ़ से भी हमें कोई मदद नहीं मिल पा रही है.

    रिपोर्ट- कोमल बहल

    ये भी पढ़ें-
    Teacher Recruitment 2022: यूपी, राजस्थान, पंजाब समेत इन राज्यों में 60,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती
    Railway Recruitment 2022: 10वीं पास भारतीय रेलवे में बिना परीक्षा पा सकते हैं नौकरी, जल्द करें आवेदन

    Tags: Education, Jharkhand news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर