झारखंड विधानासभा चुनाव 2019: बीजेपी की रणनीति को लेकर नीरा यादव और सरयू राय आमने-सामने

विधायक चाहते हैं कि उनके लिए सांसद भी वैसे ही पसीना बहाये जैसे उन्होंने लोकसभा चुनाव जीताने में किया था. हालांकि सूबे के मंत्री सरयू राय ऐसी बातों से इक्तेफाक नहीं रखते.

Ajay Lal | News18 Jharkhand
Updated: July 3, 2019, 2:23 PM IST
Ajay Lal
Ajay Lal | News18 Jharkhand
Updated: July 3, 2019, 2:23 PM IST
झारखंड में विधानसभा चुनाव होने में अब मात्र चार महीने ही बचे हैं. इन चार महीनों में पर्व-त्योहार भी है और नेताओं को कैंपेन भी करना है. जाहिर है वक्त कम है और काम ज्यादा. बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में अबकी बार 65 पार के नारे को बुलंद कर रखा है. ऐसे में तमाम विधायक चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव की तर्ज पर कैंपेन चलाया जाए और इसमें जीते हुए सांसद अहम भूमिका निभाये.

बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के लिए शुरू की तैयारी

सत्ताधारी बीजेपी एक बार फिर से सूबे की सत्ता पर काबिज होना चाहती है और इसके लिए उसने होमवर्क भी शुरू कर दिया है. कई ऐसे विधायक हैं जो अपने बलबूते अपने क्षेत्र में हवा बनाने में माहिर हैं लेकिन कुछ को तारणहार की जरूरत पड़ेगी. ऐसे विधायकों ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी क्षमता के अनुसार कैंपेन चलाया. जनता तक अपनी बात भी पहुंचायी और सफल भी हुए. लेकिन अब सीन दूसरा है, लोकसभा चुनाव में पीएम नरेन्द्र मोदी की ताकत भी काम कर रही थी. ऐसा विधानभा चुनाव में भी होगा, कहना मुश्किल है. लिहाजा बीजेपी के प्रत्याशियों को विधानसभा तक पहुंचाने की बहुत हदतक जिम्मेदारी सांसदों की भी होगी.

विधायक चाहते हैं विधानसभा चुनाव में सांसद भी बहाये पसीना

ऐसे में विधायक चाहते हैं कि उनके लिए सांसद भी वैसे ही पसीना बहाये जैसे उन्होंने लोकसभा चुनाव जीताने में किया था. हालांकि सूबे के मंत्री सरयू राय ऐसी बातों से इक्तेफाक नहीं रखते. उनका मानना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान सिर्फ और सिर्फ एक ताकत काम कर रही थी. वह थी नरेन्द्र मोदी की ताकत. कोई अगर ये कहता हो कि किसी के कैंपेन से भाजपा सूबे में 11 लोकसभा चुनाव जीती है तो यह उसका भ्रम होगा.

पीएम मोदी की तरह की झारखंड में भी सर्वमान्य चेहरा

सरयू राय तो सांसदों से विधानसभा चुनाव में कैंपेन तक के खिलाफ हैं. उनका मानना है कि जैसे केन्द्र की सत्ता के लिए नरेन्द्र मोदी एक चेहरा थे. वैसा ही चेहरा राज्य में भी होना चाहिए जो सभी को सर्वमान्य हो. दरअसल, राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीख धीरे-धीरे नजदीक आ रही है. भाजपा को कुछ विधायकों की नाराजगी का अंदेशा है. वहीं सूबे महागठंबधन की ताकत भी चिंता बढ़ा रही है.
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First published: July 3, 2019, 2:21 PM IST
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