झारखंड की खेल अकादमी बनेगी यूनिवर्सिटी, कवायद तेज

झारखंड खेल अकादमी को जल्द ही विश्वविद्यालय का रूप दिया जाएगा. इसके लिए कवायद तेज है.
झारखंड खेल अकादमी को जल्द ही विश्वविद्यालय का रूप दिया जाएगा. इसके लिए कवायद तेज है.

खेल अकादमी को जल्द ही झारखंड सरकार यूनिववर्सिटी की शक्ल देगी जिसके लिए कवायद तेज कर दी गई है. इसके लिए जर्मनी और स्पेन जैसे देशों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मदद ली जा रही है.

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खेल अकादमी को जल्द ही झारखंड सरकार यूनिवर्सिटी की शक्ल देगी जिसके लिए कवायद तेज कर दी गई है. इसके लिए जर्मनी और स्पेन जैसे देशों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मदद ली जा रही है.

क्या है मामला

खेल अकादमी को ही विश्वविद्यालय का रूप दिया जाएगा. यूनिवर्सिटी खोले जाने को लेकर सरकार तीन साल बाद गंभीर नजर आ रही है. खेल विभाग के निदेशक रणेंद्र कुमार के मुताबिक 15 दिन के भीतर सरकार अधिसूचना विधानसभा में पेश करेगी, जहां से पास होने के बाद जमीनी कार्य शुरू हो जाएंगे. फिलहाल जर्मनी और स्पेन जैसे देशों से सलाह ली  जा रही है जहां पहले से खेल यूनिवर्सिटी पहले से हैं. दिल्ली में भी संबंधित एक्सपर्ट को सॉफ्ट कॉपी भेजी गई है ताकि मुक्कमल तैयारी हो सके.



180 बच्चों को मिल रही इंटरनेशनल ट्रेनिंग
राज्यभर के बीस हजार बच्चों में से सौ बच्चों का चयन खेल अकादमी के लिए किया गया है. बच्चों की कुल संख्या अब 180 हो चुकी है, जिन्हें पांच स्पर्धों के अलग अलग अंतर्राष्ट्रीय कोच प्रशिक्षित कर रहे हैं. सीसीएल और खेल विभाग खिलाड़ियों को तरासने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है.

एक्सपर्ट का दावा, दिखेंगे नतीजे

अंतर्राष्ट्रीय कोच सृष्टि के मुताबिक संसाधनों की थोड़ी कमी है. कुछ और उपकरणों की दरकार है. बड़े स्तर के खिलाड़ियों से बच्चों के इंटरएक्शन और मोटिवेशन दिलाने की भी जरुरत है. लेकिन बच्चों को इंटरनेशनल स्तर का प्रशिक्षण खेल अकादमी में दिया जा रहा है. वहीं हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष भोलानाथ सिंह भी अकादमी के कामकाज से सुतुष्टि जाहिर करते हुए कहते हैं कि यदि ऐसा ही रहा तो नतीजे जरूर दिखेंगे.

बहरहाल देर आए दुरूस्त आए के तर्ज पर राज्य सरकार कार्य कर रही है. खेल विश्वविद्यालय को लेकर एक बार फिर खेल प्रेमियों में आस जगाने का काम सरकार ने किया है. अब देखने वाली बात होगी ये पूरी तरह से जमीं पर कब आता है.
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