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ज़मानत पर चल रहे बंधु तिर्की की फिरकी में उलझे विरोधी, मांडर सीट पर मिली जीत
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Updated: December 23, 2019, 10:03 PM IST
ज़मानत पर चल रहे बंधु तिर्की की फिरकी में उलझे विरोधी, मांडर सीट पर मिली जीत
34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले के मामले में इस साल नवंबर में बंधु तिर्की को ज़मानत मिली

मांडर विधानसभा सीट से बंधु तिर्की दो बार विधायक रह चुके हैं

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  • Last Updated: December 23, 2019, 10:03 PM IST
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मांडर विधानसभा सीट से झारखंड विकास मोर्चा के उम्मीदवार बंधु तिर्की ने जीत दर्ज की है. बंधु तिर्की ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी बीजेपी के उम्मीदवार देव कुमार धान को पराजित किया है. बंधु तिर्की के लिए ये जीत संजीवनी से कम नहीं क्योंकि उन्हें हाल ही में ऐन चुनाव से पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली थी.

बंधु तिर्की ने जेल में ही रहते हुए नामांकन किया था.  उनको 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला और पत्थलगढ़ी के मामले में ज़मानत मिली है. इससे पहले कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले में गिरफ्तारी से बचने के लिए बंधु तिर्की ने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था लेकिन उन्हें अग्रिम ज़मानत नहीं मिल सकी थी. इसी साल सितंबर में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उन्हें रांची के सिविल कोर्ट परिसर में उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था जब वो सीबीआई कोर्ट में हाज़िरी देने पहुंचे थे.

हालांकि एसीबी की विशेष अदालत से ही उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाज़त भी मिली. जिसके बाद उन्होंने जेल से ही चुनाव का नामांकन दाखिल किया. फिलहाल, राष्ट्रीय खेल घोटाले के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है.

रांची में आयोजित 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले से सरकार को 28 करोड़ 38 लाख नौ हजार रुपए नुकसान हुआ था. बतौर खेल मंत्री रहे बंधु तिर्की पर आरोप है कि जरुरत से ज्यादा खेल का सामान ज्यादा कीमत  पर खरीदा गया. तिर्की पर आरोप है कि उन्होंने राशि स्वीकृत करने में सरकारी नियमों का पालन नहीं किया.  धनबाद में दो स्क्वैश कोर्ट के निर्माण में भी वित्तीय अनियमितता बरतने के तिर्की पर आरोप लगे.

इसके अलावा बंधु तिर्की पर आरोप है कि उन्होंने पत्थलगढ़ी के समर्थकों को भड़काऊ बयान देकर उकसाया. साथ ही उन पर आरोप है कि उन्होंने एक प्रेस कान्फ्रेंस में काली गाय की बलि देने की बात की थी. उनका ये वीडियो काफी वायरल हुआ था. उन्होंने राज्य की रघुवर सरकार को चुनौती दी थी कि यदि उसमें हिम्मत है, तो उन्हें काली गाय की बलि देने से रोक कर दिखाए. जिसके बाद उनके खिलाफ पुलिस ने शिकायत दर्ज की थी.

मांडर विधानसभा सीट से बंधु तिर्की दो बार विधायक रह चुके हैं. हालांकि साल 2014 में उन्हें बीजेपी की गंगोत्री कुजुर से हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन साल 2009 में बंधु तिर्की ने झारखंड जनाधिकार मंच के टिकट पर चुनाव जीता था. उससे पहले 2005 में UGDP के टिकट पर वो चुनाव जीते थे.

बंधु तिर्की सेंट ज़ैवियर्स कॉलेज से 1982 में इंटरमीडिएट पास कर चुके हैं तो रांची के सेंट ज़ैवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. मांडर विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में 7 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. मांडर सीट से बीजेपी के देवकुमार धान, कांग्रेस के सन्नी टोप्पो और आजसू से हेमलता उरांव मैदान में हैं.

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First published: December 23, 2019, 10:02 PM IST
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