सर्वदलीय बैठक में JMM ने की कंप्लीट लॉकडाउन की मांग, जानें अन्य दलों का क्या है सुझाव

सर्वदलीय बैठक में सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी ने कंप्लीट लॉकडाउन की मांग की.

सर्वदलीय बैठक में सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी ने कंप्लीट लॉकडाउन की मांग की.

Lockdown in Jharkhand: जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने वर्तमान हालात के मद्देनजर कंप्लीट लॉकडाउन की मांग की. सिर्फ सुबह- शाम लोगों को खरीदारी के लिये छूट मिलनी चाहिये.

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रांची. झारखंड में एक बार फिर लॉकडाउन (Lockdown) लगने की संभावना बढ़ गई हैं. ये लॉकडाउन कम अवधि से लेकर वीकेंड का हो सकता है. राज्य की हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Government) कोरोना संक्रमण पर सख्ती को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रही है. शनिवार की शाम कोरोना संक्रमण को लेकर आहूत सर्वदलीय बैठक में प्रदेश के राजनीतिक दलों ने खुलकर अपनी बात रखी. हेमंत सोरेन सरकार के लिये राहत वाली बात ये रही कि सूबे की मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने सरकार को कोरोना संक्रमण के खात्मे के लिये हर मदद करने का भरोसा दिलाया.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने कोरोना संक्रमण का चेन तोड़ने के लिये दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार द्वारा उठाये गए कदम का उदाहरण दिया. बीजेपी ने कहा कि सरकार को इस तरह का निर्णय लेना चाहिये. वहीं सत्ताधरी दल जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने वर्तमान हालात के बाद कंप्लीट लॉकडाउन जैसे शब्द का प्रयोग किया. जेएमएम ने कहा कि सुबह- शाम लोगों को खरीदारी के लिये छूट मिलनी चाहिये. लेकिन अगर लॉकडाउन करना है तो कंप्लीट होना चाहिये. वहीं कांग्रेस ने 45 साल से कम उम्र वाले लोगों को भी वैक्सीन देने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि आज जब कम उम्र के युवा भी संक्रमित हो रहे हैं, तो जरूरत के हिसाब से उन्हें वैक्सीन दिया जाना चाहिये.

सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्तमान हालात ना छुपा है ना छुपाया जा सकता है. RTPCR के लैब जब नहीं थे, तब से जंग लड़ रहे हैं. अब हर जिले में जांच हो रही है. सैम्पल जांच के लिये कोबास मशीन 20 से 25 दिन में राज्य में उपलब्ध हो जाएगी. राज्य के हर जिला 50 ऑक्सीजन बेड बनाने का निर्देश दिया गया है. रांची में 600 बेड ऑक्सीजन वाले अतिरिक्त बढ़ाये गए हैं. सभी आंगनबाड़ी केंद्र में ऑक्सी मीटर और मेडिकल कीट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. 15 से 20 दिन में स्थिति सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है. सरकारी अस्पताल ने अपनी दक्षता दिखाई है. हमें सरकारी अस्पताल में विश्वास करना चाहिये.
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