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बिलकिस बानो मामले में आरोपियों की सजा माफ करने पर रार जारी, अब JMM ने उठाया सवाल

बिलकिस बानो मामले में आरोपियों की सजा माफ करने पर रार जारी, अब JMM ने उठाया सवाल

JMM ने बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की सजा माफ करने पर सवाल उठाया है. सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है.

JMM ने बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की सजा माफ करने पर सवाल उठाया है. सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है.

Jharkhand News: बिलकिस बानो केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 11 दोषियों की रिहाई पर रार जारी है. बीजेपी बचाव की मुद्रा में है तो विपक्ष हमलावर. न्यायपालिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं

रांची. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गुजरात के बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की सजा माफ करने पर सवाल उठाया है. शुक्रवार को जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने लाल किला के प्राचीर से महिला को अपमानित करने वालों को सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया. लेकिन उसी शाम गुजरात में 11 बलात्कारियों की सजा माफ कर दी गई.

बिलकिस बानो केस में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे 11 आरोपी अब जेल की सलाखों के बाहर आ चुके हैं. देश जब आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहा था, उसी दिन 2002 के बिलकिस बानो केस के 11 गुनहगार भी खुली हवा में सांस लेने के लिए रिहा हो रहे थे. आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे ये 11 दोषी जेल से रिहा हुए तो बिलकिस बानो का 20 साल पुराना जख्म हरा हो आया वहीं विपक्षी दलों ने भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य  ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और बीजेपी के बड़े नेताओं का इस मामले में कोई बयान नहीं आया है. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि इस मामले में देश की जनता के सामने अपनी बात रखे. उन्होंने कहा कि यह भाजपा का कल्चर है. अपराधियों को अपने राजनीतिक लाभ के लिए महिमामंडित करें. उन्होंने कहा कि साल 2018 में रामगढ़ में मॉब लिंचिंग के 11 आरोपी को उच्च न्यायालय से जमानत मिली तो तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा उन लोगों को माला पहना कर स्वागत किया था.

झामुमो नेता ने कहा कि शासन कैसे चलाया जाता है. अपने वादें और जनता के हितों की रक्षा कैसे की जाती है. यह भाजपा के नेता हेमंत सोरेन से सीखें, जो पलामू फायरिंग रेंज के अवधि विस्तार ना करके उस जमीन को आम आदिवासियों मूलवासियों को देने का फैसला लिया है.

Tags: Jharkhand Politics, JMM, Ranchi news

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