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जज उत्तम आनंद की मौत को मर्डर बताने के बाद CBI ने आरोपी ऑटो ड्राइवर को फिर रिमांड पर लिया, जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा

धनबाद के जज उत्तम आनंद की बीते 28 जुलाई को उस वक्त बेकाबू ऑटो रिक्शा की टक्कर से मौत हो गई थी जब सुबह में वो सड़क किनारे मार्निंग वॉक कर रहे थे (फाइल फोटो)

धनबाद के जज उत्तम आनंद की बीते 28 जुलाई को उस वक्त बेकाबू ऑटो रिक्शा की टक्कर से मौत हो गई थी जब सुबह में वो सड़क किनारे मार्निंग वॉक कर रहे थे (फाइल फोटो)

Judge Uttam Anand Death Case: जज मौत मामले में गिरफ्तार ऑटो चालक लखन वर्मा तथा सहयोगी राहुल शर्मा से इसे लेकर लगातार पूछताछ भी की गई थी. कोर्ट से इन दोनों को दो बार रिमांड पर भी लिया जा चुका था.

  • News18Hindi
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    (संजय गुप्ता)
    धनबाद. जज उत्तम आनंद मौत (Judge Uttam Anand Death Case)  की जांच कर रही सीबीआई (CBI) की टीम ने जेल में बंद ऑटो ड्राइवर तथा सहयोगी को फिर से रिमांड में लिया है. कोर्ट में 10 दिनों की रिमांड की अर्जी सीबीआई ने दी थी जिस पर कोर्ट ने 6 दिन के रिमांड की स्वीकृति दे दी है. बता दें कि धनबाद जिला सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में गत 23 सितंबर को सीबीआई ने बड़ा खुलासा करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि जज की हत्या की गई है और उन्हें जानबूझ कर ऑटो से टक्कर मारी गयी थी.

    सीबीआई ने हाईकोर्ट के समक्ष यह भी खुलासा किया था कि पकड़े गए दोनों आरोपियों में से एक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह प्रोफेशनल मोबाइल चोरी करने वाला है. सीबीआई फुटेज के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. जल्द ही षडयंत्र करने वालों तक सीबीआई पहुंच जाएगी. अब जब आरोपी ऑटो ड्राइवर को दोबारा रिमांड पर लिया गया है तो इस मामले का उद्भेदन होने की उम्मीद भी बंधती जा रही है.

    गौरतलब है कि जज मौत मामले में गिरफ्तार ऑटो चालक लखन वर्मा तथा सहयोगी राहुल शर्मा (Auto driver Lakhan Verma and associate Rahul Sharma) से इसे लेकर लगातार पूछताछ भी की गई थी. कोर्ट से इन दोनों को दो बार रिमांड पर भी लिया जा चुका था. दोनों को सीबीआई की टीम वैज्ञानिक तरीके से ब्रेन मैपिंग, नार्को टेस्ट के लिए गुजरात लेकर गई थी, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला था.

    गौरतलब है कि करीब एक पखडवाड़े पहले दोनों अभियुक्त को गुजरात से लाने के बाद फिर से कोर्ट में पेश कर धनबाद कारा भेज दिया गया था. सूत्र बताते हैं कि नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग कराए जाने के बावजूद सीबीआई को कोई बड़ा सुराग नहीं मिल पाया था. जिसके कारण जज मौत की गुत्थी को सुलझा पाने में सीबीआई अब तक असफल रही है.

    बता दें कि जज उत्तम आनन्द की मौत 28 जुलाई को ऑटो की टक्कर लगने से हो गई थी. जज की मौत के बाद पहले इस मामले की जांच पुलिस कर रही थी. एसआईटी की टीम गठित की गई थी, जिसका नेतृत्व एडीजी संजय लाटकर कर रहे थे. लेकिन, बाद में राज्य सरकार की अनुशंसा और हाईकोर्ट के निर्देश पर पूरे मामले की तहकीकात सीबीआई कर रही है. अभी मामले में पर्दा उठना बाकी है.

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