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Judge Uttam Anand Death Case: हाई कोर्ट ने कहा- आरोपियों को बचाने की कोशिश न करे सीबीआई

Judge Uttam Anand Death Case: हाई कोर्ट ने कहा- आरोपियों को बचाने की कोशिश न करे सीबीआई

जज उत्तम आनंद मौत केस- झारखंड हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को बचाना चाहती है सीबीआई.

जज उत्तम आनंद मौत केस- झारखंड हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को बचाना चाहती है सीबीआई.

Ranchi News: हाई कोर्ट के सामने जब सीबीआई के अधिवक्ता जानकारी दे रहे थे और अपनी दलील देते हुए यह कहा कि पूरी घटना में मोबाइल चोरी की बात सामने आ रही है. इस पर सीबीआई के पक्ष से हाईकोर्ट नाराज हो गया. कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि सीबीआई मामले की तह तक नहीं पहुंच पा रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों ने नार्को टेस्ट में स्वीकार किया था कि उन्होंने पूरे होश में जज को ऑटो से टक्कर मारी थी. घटना के वक्त जज के हाथ में रुमाल था न कि मोबाइल. ऐसे में सीबीआई कैसे कह सकती है कि मोबाइल लूट के लिए एक जज की हत्या कर दी गई.

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रांची. जज उत्तम आनंद मौत केस की जांच कर रही सीबीआई पर झारखंड हाई कोर्ट ने एक बार फिर तल्ख टिप्पणी की है. उच्च न्यायालय ने कहा है कि सीबीआई जिस तरह से दलील पेश कर रही है ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह आरोपियों को बचाना चाहती है. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की जांच मामले में कुछ कह रही है और सबूत कुछ और. सुनवाई एडिशनल सोलिस्टर एसवी राजू ने सीबीआई की ओर से पेश सभी जांच रिपोर्ट और नार्को टेस्ट रिपोर्ट की जांच कर कोर्ट में दलील पेश की. इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि कुछ साक्ष्य कहते हैं मोबाइल चोरी के लिए हत्या की गई.
मामले की सुनवाई एक हफ्ते 28 जनवरी को फिर होगी.

हाई कोर्ट के सामने जब सीबीआई के अधिवक्ता जानकारी दे रहे थे और अपनी दलील देते हुए जब यह कहा कि पूरी घटना में मोबाइल चोरी की बात सामने आ रही है. इस पर सीबीआई के पक्ष से हाईकोर्ट नाराज हो गया. कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि सीबीआई मामले की तह तक नहीं पहुंच पा रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों ने नार्को टेस्ट में स्वीकार किया था कि उन्होंने पूरे होश में जज को ऑटो से टक्कर मारी थी. घटना के वक्त जज के हाथ में रुमाल था न कि मोबाइल. ऐसे में सीबीआई कैसे कह सकती है कि मोबाइल लूट के लिए एक जज की हत्या कर दी गई.

हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ साक्ष्य कहते हैं कि पत्थर मारने से पहले ऑटो चालकों को जानकारी थी कि उक्त व्यक्ति जज है. नार्को टेस्ट में भी ऑटो चालकों ने स्वीकार किया की वे जज को जानते थे. इस पर कोर्ट ने कहा कि सीबीआई को मामले में सही से जांच करनी चाहिए. आरोपियों को बचाने के लिए कोर्ट में तर्क न पेश करें. सुनवाई चीफ जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच में हुई.

बता दें कि इससे पहले भी सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई जांच से नाराजगी व्यक्त की थी. पिछले सप्ताह हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था सीबीआई की जांच से कोर्ट संतुष्ट नहीं है. ऐसे में नार्को टेस्ट समेत सभी जांच रिपोर्ट कोर्ट में उपलब्ध कराया जाए. जिससे कोर्ट अपने स्तर से जांच करेगी. कोर्ट ने सीबीआई को पहले ही कहा था कि जितना अधिक समय लगेगा उतना ही अधिक तथ्य ढूंढने होंगे.

बता दें कि वर्ष 2021 के 28 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे एडीजे उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी एक ऑटो ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी थी. इस घटना में एडीजे की मौके पर ही मौत हो गई थी. पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है. बता दें कि इस मामले में सीबीआई अब तक मामले में दो सौ से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है.

Tags: Jharkhand High Court, Ranchi High Court

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