एनएमसी के विरोध में जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार, रिम्स में ओपीडी सेवा ठप

एनएमसी के मुद्दे पर रविवार को रिम्स ऑडिटोरियम में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) की बैठक हुई. इसमें सोमवार को ओपीडी सेवा से दूर रहने का फैसला लिया गया. जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि एनएमसी बिल के जरिये उनके भविष्य से खिलवाड़ करने की तैयारी चल रही है.

News18 Jharkhand
Updated: August 5, 2019, 9:44 AM IST
एनएमसी के विरोध में जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार, रिम्स में ओपीडी सेवा ठप
एनएमसी के विरोध में रिम्स के जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया
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Updated: August 5, 2019, 9:44 AM IST
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के विरोध में रिम्स के जूनियर डॉक्टरों ने आज ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया है. इससे यहां पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी हो सकती है. रिम्स में रोजाना राज्यभर से 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. एनएमसी के मुद्दे पर रविवार को रिम्स ऑडिटोरियम में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) की बैठक हुई. इसमें सोमवार को ओपीडी सेवा से दूर रहने का फैसला लिया गया.

एनएमसी बिल का विरोध 

जेडीए ने रिम्स के टीचर्स एसोसिएशन से भी उनके आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है. हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को जेडीए ने अपने आंदोलन से अलग रखा है. जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि एनएमसी बिल के जरिये उनके भविष्य से खिलवाड़ करने की तैयारी चल रही है.

doctors protest
रिम्स में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर


इससे पहले भी जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार किया था. इस दौरान 900 मरीजों को बिना इलाज के रिम्स से लौटना पड़ा था.

क्या है एनएमसी बिल

देश में अबतक मेडिकल शिक्षा, मेडिकल संस्थानों और डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित काम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया देखती थी. अब अगर एनएमसी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाती है, तो नेशनल काउंसिल ऑफ इंडिया खत्म हो जाएगी और इसकी जगह नेशनल मेडिकल कमीशन ले लेगा.  मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान साल 2018 में इस बिल को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में रखा था. इसे राज्यसभा से पारित कर दिया गया है.
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नेशनल मेडिकल कमीशन में 25 सदस्य होंगे. इनमें एक अध्यक्ष, एक सचिव, आठ पदेन सदस्य और 10 अंशकालिक सदस्य शामिल होंगे. यह कमीशन स्नातक और परास्नातक चिकित्सा शिक्षा को देखेगा. इसके अलावा यह चिकित्सा संस्थानों की मान्यता और डॉक्टरों के पंजीकरण की व्यवस्था भी देखेगा. इसके अध्यक्ष की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाएगी. जबकि सदस्यों को एक सर्च कमेटी द्वारा नियुक्त किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे.

इनपुट- भुवन किशोर

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First published: August 5, 2019, 9:43 AM IST
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