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रांची: RIMS में फिर जूनियर डॉक्टरों का भड़का गुस्सा, इन मांगों पर की आवाज बुलंद

रांची: रिम्स में बकाया मांगों को लेकर फिर आंदोलन की राह पर जूनियर डॉक्टर

रांची: रिम्स में बकाया मांगों को लेकर फिर आंदोलन की राह पर जूनियर डॉक्टर

कोरोना काल में जूनियर डॉक्टर्स लगातार अपनी मांगों को रिम्स निदेशक, स्वास्थ्य मंत्री के सामने उठा रहे हैं. वहीं जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने साफ कहा है कि अगर इस बार फिर अनदेखी होने पर जेडीए कड़ा रुख अख्तियार करने पर बाध्य हो जाएगा.

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रांची. सूबे का सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स (RIMS) एक बार फिर जूनियर डॉक्टर्स (Junior Doctor) की बकाया मांगों को लेकर सुलगने लगा है. कोरोना काल में जूनियर डॉक्टर्स लगातार अपनी मांगों को रिम्स निदेशक, स्वास्थ्य मंत्री के सामने उठा रहे हैं. वहीं जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने साफ कहा है कि अगर इस बार फिर अनदेखी होने पर जेडीए कड़ा रुख अख्तियार करने पर बाध्य हो जाएगा.

गरीब मरीजों की आखिरी उम्मीद और सूबे का सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स एक बार आंदोलन की राह पर चलता नजर आ रहा है. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अपनी बकाया मांगों को लेकर अपनी आवाज फिर बुलंद कर दी है. एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि इस बार अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वे विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य हो जाएंगे.

दरअसल जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने अपनी तीन मांगों को रिम्स निदेशक और सरकार के सामने रखा है, जिसमें मुख्य है जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के सचिव अनितेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मुख्य रूप से उनकी तीन मांगें हैं. जिनपर सरकार ध्यान नहीं दे रही. जो मांगें रखी गईं हैं उनमें 2018-21 पीजी बैच / 2019-21 डिप्लोमा बैच को 1 जून 2021 से कोरोना महामारी की वजह से अवधि विस्तार दिया जाए. कोरोना काल में दिन रात काम करने के कारण रेजिडेंट डॉक्टर्स के इंसेटिव राशि के भुगतान की मांग की गई. इसके साथ ही 7 सालों से लंबित (2014) एरियर के भुगतान की मांग की गई.

जूनियर डॉक्टर्स के ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. हिमांशु शेखर की मानें को पीजी बैच और डिप्लोमा बैच की परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं और रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया है, लेकिन अभी तक अवधि विस्तार को बॉन्ड पीरियड में शामिल करने और सीनियर रेसिडेंट शिप देने को लेकर नोटिस नहीं आया है. जबकि देश के ज्यादातर राज्यों में यह नोटिस आ चुका है.   वहीं इंसेटिव को लेकर भी काफी नाराजगी है. जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि सिर्फ रिम्स को छोड़कर राज्य के सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना काल में किये गये कार्यों को लेकर इंसेटिव का भुगतान हो चुका है.

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