रांची : एक ही ठेकेदार ने बनाए थे कांची नदी पुल और विधानसभा भवन, दोनों का हश्र एक - सीएम ने दिया जांच का आदेश

उद्घाटन से पहले ही कांची नदी पर बना पुल धंस गया.

उद्घाटन से पहले ही कांची नदी पर बना पुल धंस गया.

आखिर वो ठेकेदार कौन है जिसका नाम लेने से बचते रहे मंत्री और विधायक. इसी ठेकेदार ने बनवाया था कांची नदी पर पुल और झारखंड विधानसभा का नया भवन. विधानसभा भवन का भी एक हिस्सा ढह चुका है.

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रांची. चक्रवाती तूफान YAAS की वजह से पूरे झारखंड में दो दिनों तक झमाझम बारिश हुई. इसके बाद झारखंड की तमाम नदियां उफान पर थीं. इस दौरान कांची नदी पर करोड़ों की लागत से बना पुल पानी का दबाव झेल नहीं सका और गुरुवार को धंस गया. अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है. हेमंत सोरेन ने साफ-साफ कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

यह पुल रांची के तमाड़-बुंडू इलाके में कांची नदी पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बना था, लेकिन पुल के उद्घाटन के पहले ही धंस जाने की घटना ने सरकारी सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में कांची नदी पर बने हाराडीह-बुढ़ाडीह पुल ध्वस्त होने के मामले में उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया है. इस बात की जानकारी हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी. उन्होंने लिखा कि 'इस मामले में मैंने उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया है. मेरे सेवाकाल में भ्रष्टाचार और जनता के पैसों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.'

ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम भी कराएंगे जांच
इससे पहले कांची पुल के धंसने की सूचना के बाद ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने जांच का आदेश दिया है. उन्होंने विभागीय सचिव को टीम गठित कर जांच कराने को कहा है. आलम ने कहा कि इसके निर्माण में निश्चित रूप से खामियां रही होंगी और अब जांच में इसका खुलासा हो जाएगा. आपको बता दें कि यह पुल तीन साल पहले बनकर तैयार हो गया था. लेकिन इसके बाद अब तक हैंडओवर नहीं किया गया था.

कंस्ट्रक्शन कंपनी पर उठाए सवाल

तमाड़ के झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक विकास सिंह मुंडा ने बताया कि इससे पहले भी यहां एक पुल ध्वस्त हुआ था. इन दोनों पुल का निर्माण एक ही कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया है. इसलिए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल को रांची के एक चर्चित ठेकेदार ने बनाया है. अभी कांची नदी पर बने पुल का संपर्क रोड भी नहीं बना है और इसका विधिवत उद्घाटन भी नहीं हुआ है. इससे पहले ही यह धंस गया.



रांची का 'वो' ठेकेदार जिसकी चर्चा चारों ओर

कांची नदी पर पुल बनानेवाले इस ठेकेदार की चर्चा चारों तरफ हो रही है. हालांकि मंत्री और विधायक नाम लेने से परहेज करते रहे. उन्होंने इतना जरूर कहा कि उसने दो-दो पुल बनाए और दोनों गिर गए. विधानसभा का नया भवन बनाने का काम भी उसी ठेकेदार को मिला था, अभी कुछ दिन पहले ही उसका भी एक हिस्सा गिर गया था. उसके भी जांच का आदेश दिया गया है. इतना ही नहीं लोगों का तो यहां तक कहना है कि झारखंड हाईकोर्ट में भी निर्माण कार्य का ठेका उसी आदमी को मिला था. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर वह कौन है, जिसका नाम लेने से विधायक और मंत्री भी बचना चाह रहे हैं.

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