पता और मोबाइल नंबर बदलने पर पाबंदी, जानें किन शर्तों पर लालू को मिली जमानत

लालू यादव 3 साल बाद जेल से बाहर आएंगे. (फाइल फोटो)

लालू यादव 3 साल बाद जेल से बाहर आएंगे. (फाइल फोटो)

Lalu Yadav gets Bail: दुमका मामले में लालू यादव को कोर्ट से सशर्त जमानत मिली है. उन्हें एक लाख के निजी मुचलके का बांड भरना होगा. बिना अनुमति के वे देश से बाहर नहीं जाएंगे और ना ही अपना पता और मोबाइल नंबर बदल सकेंगे.

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रांची. झारखंड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है. इसी के साथ वे अब जेल से बाहर आ जाएंगे. अदालत ने दुमका कोषागार मामले में आधी सजा काटने के आधार पर उन्हें जमानत दी है. हालांकि बेल के लिए कोर्ट ने कुछ शर्तें भी जोड़ दी हैं. मसलन, लालू यादव को एक लाख के निजी मुचलके का बांड भरना होगा. बिना अनुमति के वे देश से बाहर नहीं जाएंगे और ना ही अपना पता और मोबाइल नंबर बदलेंगे.

इन शर्तों पर लालू को जमानत

लालू को जेल से बाहर आने के लिए एक लाख रुपये के निजी मुचलके का बांड भरना होगा. साथ ही 5-5 लाख का जुर्माना भी जमा करना होगा.

वे झारखंड हाईकोर्ट की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा पाएंगे.
अदालत की जानकारी के बिना अपना पता-ठिकाना नहीं बदल पाएंगे.

अपना मोबाइल नंबर भी कोर्ट की अनुमत‍ि के बिना नहीं बदल सकेंगे.

सीबीआई की दलील खारिज



इससे पहले जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में लालू प्रसाद यादव की जमानत य‍ाचिका पर सुनवाई हुई. लालू प्रसाद की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल ने जमानत के समर्थन में कोर्ट में दलीलें पेश कीं, जबकि सीबीआइ के वकील ने लालू की जमानत का पुरजोर विरोध किया. सीबीआइ की ओर से लालू को निचली अदालत से 14 साल की सजा मिलने की बात कही गई, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील को खारिज कर दिया.

बता दें कि इससे पहले लालू यादव को अक्टूबर 2020 में चाईबासा ट्रेजरी मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन दुमका ट्रेजरी केस की वजह से उनकी रिहाई नहीं हुई थी. वहीं डोरंडा ट्रेजरी से निकासी के मामले की सुनवाई अभी पूरी नहीं हुई है. इस मामले में बहस चल रही थी, लेकिन कोविड की वजह से फिलहाल CBI कोर्ट में सुनवाई पर रोक लगी हुई है.



एम्स में भर्ती हैं लालू

लालू यादव फिलहाल एम्स दिल्ली में इलाज करवा रहे हैं. करीब ढाई साल रिम्स रांची में इलाज कराने के बाद बीते जनवरी में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी के चलते उन्हें 23 जनवरी 2021 को रिम्स से एम्स रेफर किया गया.


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