चारा घोटाले के डोरंडा ट्रेजरी मामले में सीबीआई कोर्ट में सुनवाई, गवाहों ने खोले लालू के राज!

लालू यादव फिलहाल एम्स दिल्ली में भर्ती हैं. (फाइल फोटो)

लालू यादव फिलहाल एम्स दिल्ली में भर्ती हैं. (फाइल फोटो)

Fodder Scam: सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से मुख्य आपूर्तिकर्ता और घोटाले के किंगपिन आरोपी श्याम बिहारी सिन्हा के संबंध में जानकारी दी गई. इस मामले में पूर्व में दिए गए गवाहों के बयान को कोर्ट के समक्ष रखा गया.

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रांची. चारा घोटाले (Fodder Scam) के डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले में आज रांची सीबीआई विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान सीबीआई की ओर से पूर्व में दिए गए गवाहों के बयानों को कोर्ट के सामने पढ़ा गया. आज सीबीआई की ओर से लालू प्रसाद (Lalu Prasad) के खिलाफ पूरे मामले को लेकर सिलसिलेवार ढंग से रखकर जोरदार दलील पेश की गयी.

चारा घोटाले के डोरंडा ट्रेजरी से 139 करोड़ की अवैध निकासी मामले में आज सीबीआई विशेष कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक की ओर से जोरदार दलील रखी गई. जस्टिस एसके शशि की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से मुख्य आपूर्तिकर्ता और घोटाले के किंगपिन आरोपी श्याम बिहारी सिन्हा के संबंध में जानकारी दी गई.  इस मामले में पूर्व में दिए गए गवाहों के बयान को कोर्ट के समक्ष रखा गया.

कोर्ट को बताया गया कि लालू प्रसाद की 4 बेटियां रांची स्थित बिशप वेस्टकोट गर्ल्स स्कूल में पढ़ती थी. और बेटियों के नामांकन फॉर्म पर लोकल गार्जियन के तौर पर श्याम बिहारी सिन्हा का नाम अंकित है. साथ ही रेफरी के तौर पर तत्कालीन मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन और सूरज प्रसाद का नाम लिखा गया है. सूरज प्रसाद की गवाही में इस बात का जिक्र है कि उसने इलियास हुसैन और आपूर्तिकर्ता मोहम्मद सईद के कहने पर अपना नाम रेफरी के तौर पर दिया. सूरज प्रसाद मोहम्मद शहीद के यहां नौकरी करते थे.

दरअसल नामांकन के संबंध में आज सीबीआई की ओर से बिशप वेस्टकोट स्कूल के प्रिंसिपल एन जैकब का बयान कोर्ट में पढ़कर सुनाया गया, जिसमें इन तमाम बातों का जिक्र है. इसके अलावा सीबीआई कोर्ट में मामले के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता दीपेश चांडक की गवाही के कुछ अंश को भी पढ़ कर सुनाया गया. जिस में फर्जी आपूर्ति आदेश के द्वारा जो रुपए मिलते थे उस के बंटवारे का जिक्र किया गया है. कोर्ट को बताया गया कि पैसों का बंटवारा किन-किन लोगों को किया जाता था.
इस तरह से होता रहा पैसे का बंटवारा

20%-  आपूर्तिकर्ता को दिए जाते थे

30%-  DDO यानी आय व्यय पदाधिकारी को मिलते थे (यह पैसा वेटरनरी डॉक्टर, स्टोर कीपर, और आय व्यय पदाधिकारी ऑफिस के कर्मियों के बीच बंटता था).



5%-  ट्रेजरी ऑफिस में जाता था

5%- क्षेत्रीय निदेशक पशुपालन को ज्यादा था

5%-  क्षेत्रीय निदेशालय को भेजा जाता था* 5%-  बजट ऑफिस की हिस्सेदारी थी

30%-  श्याम बिहारी सिन्हा और कृष्ण मोहन प्रसाद आपस में बांटते थे.

47A/96 डोरंडा ट्रेजरी से 139 करोड़ की अवैध निकासी का मामला

मामले में लालू समेत कुल 120 लोग हैं जमानत पर

सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने गवाहों के बयान को आज कोर्ट में जोरदार तरीके से रखा. वही लालू के वकील ने कहा कि सीबीआई के पक्ष रखने के बाद बचाव पक्ष अपनी बातों को कोर्ट के समक्ष रखेगा.
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