Lalu Yadav Jail Manual Violation Case: 19 फरवरी को अगली सुनवाई, RIMS को देनी होगी रिपोर्ट

जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में सुनवाई 19 फरवरी को होगी, (फाइल फोटो)

जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में सुनवाई 19 फरवरी को होगी, (फाइल फोटो)

लालू जेल मैनुअल उल्लंघन मामला: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के वकील देवसरी मंडल ने बताया कि जेल मैनुअल उल्लंघन मामला झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) में एक्सटेंड हो गया है. अगली सुनवाई 19 फरवरी को है.

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रांची. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) के जेल मैनुअल उल्लंघन ( Jail Manual Violation) मामले में झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने सुनवाई की तारिख फिर बढ़ा दी है. राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के वकील देवसरी मंडल ने बताया कि जेल मैनुअल उल्लंघन मामला झारखंड उच्च न्यायालय में एक्सटेंड हो गया है. अगली सुनवाई 19 फरवरी को है. उन्होंने बताया कि रांची के रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) को अपनी रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करनी होगी.

बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने लालू यादव के जेल उल्लंघन मामले पर संज्ञान लेते हुए कारा महानिरीक्षक से रिपोर्ट तलब की थी. साथ ही रिम्स से लालू की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है. लालू यादव पर आरोप है कि रिम्स निदेशक के केली बंगले में रहने के दौरान उन्होंने जेल मैनुअल का उल्लंघन कर नेताओं का दरवार सजाया. पार्टी नेताओं से मिले. मामला तूल पकड़ा तो लालू यादव को केली बंगले से वापस रिम्स के पेइंग वार्ड में शिफ्ट किया गया. जहां से सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें दिल्ली एम्स ले जाया गया. फिलहाल राजद सुप्रीमो दिल्ली एम्स में भर्ती हैं. कोरोना के खतरे को देखते हुए लालू यादव को रिम्स में पेइंग वार्ड से केली बंगले में शिफ्ट किया गया था.

रिम्स निदेशक को शोकॉज नोटिस जारी

इधर, कोर्ट ने RIMS की ओर लालू यादव की मेडिकल रिपोर्ट नहीं देने पर नाराजगी जताई और रिम्स निदेशक को इसके लिए शो कॉज नोटिस जारी किया. नोटिस में रिम्स निदेशक से पूछा गया है कि दो बार आदेश के बाद भी कोर्ट को लालू की मेडिकल रिपोर्ट क्यों नहीं सौंपी गई? कोर्ट ने कहा कि लालू यादव को बेहतर इलाज के लिए बाहर शिफ्ट किया गया है, लेकिन ऐसा क्यों किया गया है. मेडिकल रिपोर्ट से ही इसका पता चल पाएगा. कोर्ट ने रिम्स निदेशक को अंतिम मौका देते हुए लालू यादव की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी.
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इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कारा महानिरीक्षक से जेल से बाहर इलाज करा रहे कैदियों की सुरक्षा से संबंधित एसओपी की जानकारी मांगी थी. कोर्ट ने ये भी पूछा था कि संशोधित SOP को कब तक मंजूरी मिल जाएगी.
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