दिल की बात समझ लेने वाले लालू यादव की राजनीतिक समझ झारखंड में रही फेल!

झारखंड राज्य गठन के बाद से लालू प्रसाद ने जिसे वहां का प्रदेश अध्यक्ष बनाया, उन सबने उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को बाय बाय कर दूसरे दलों का दामन थाम लिया.

Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: July 13, 2019, 10:56 AM IST
दिल की बात समझ लेने वाले लालू यादव की राजनीतिक समझ झारखंड में रही फेल!
दिल की बात समझ लेने वाले लालू यादव की राजनीतिक समझ झारखंड में रही फेल! (फाइल फोटो)
Upendra Kumar
Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: July 13, 2019, 10:56 AM IST
देश की राजनीति में विशेष स्थान रखने वाले लालू प्रसाद यादव के बारे में कहा जाता है कि उनकी सियासी समझ इतनी है कि वो सामने वाले के दिल की बात जान लेते हैं. लेकिन झारखंड को लेकर उनकी राजनीतिक समझ हमेशा मात खाती रही है. नवंबर 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य गठन के बाद से लालू यादव ने जिसे वहां का प्रदेश अध्यक्ष बनाया, उन सबने उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को बाय-बाय कर दूसरे दलों का दामन थाम लिया.

 नेताओं की महत्वाकांक्षाओं को परखने में लालू विफल



उड़ती चिड़िया को हल्दी लगाने जैसी कहावत से बिहार-झारखंड की जनता को रिझाने वाले लालू यादव शायद झारखंड के नेताओं की तासीर और उनकी महत्वाकांक्षाओं को परख पाने में अभी तक विफल
रहे हैं. यही कारण है कि झारखंड बनने के बाद आरजेडी के पहले प्रदेश अध्यक्ष अकलू राम महतो से लेकर गौतम सागर राणा तक जितने भी अध्यक्ष बने या लालू यादव ने जिसे प्रदेश की कमान सौंपी, उन सबने पार्टी छोड़ दी.

जो भी अध्यक्ष बना उसने पार्टी छोड़ी

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झारखंड में जो भी राष्ट्रीय जनता दल का अध्यक्ष बना उसने बाद में पार्टी छोड़ दी


इसमें से कई ऐसे नाम भी हैं जिसके पार्टी छोड़ने की कल्पना न लालू यादव ने की थी और ना ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोची थी. आरजेडी के पहले अध्यक्ष अकलू राम महतो, योगेन्द्र बैठा, बालदेव हाजरा, गौतम सागर राणा, गिरिनाथ सिंह, अन्नपूर्णा देवी हर नाम पर लालू ने भरोसा कर उसे प्रदेश की कमान सौंपी पर किसी ने दल के साथ निष्ठा नहीं निभाई.
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कुछ ने बीजेपी ज्वाइन की तो कुछ ने बना ली अपनी पार्टी

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या लालू यादव झारखंड की राजनीति और यहां के नेताओं की महत्वाकांक्षी स्वभाव को समझने में चूकते रहे हैं. आज उनके पूर्व अध्यक्षों में से कोई बीजेपी में है तो कोई जेएमएम में, तो किसी ने खुद की पार्टी बना ली है.

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कुछ ने बीजेपी ज्वाइन की तो कुछ ने बना ली अपनी पार्टी (फाइल फोटो)


प्रदेश में आरजेडी की सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता कहते हैं कि बिहार के सपाट मैदानी इलाकों में राजनीति करने वाले लालू यादव शायद झारखंड की पथरीली जमीन की राजनीति को समझने की जगह यहां आकर उनका फैसला भटक जाता है.

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