Ranchi News: अंचल कार्यालय के पास सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा, फिर भी प्रशासन मौन

भू-माफियाओं ने अंचल कार्यालय के पीछे नदी की हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है.

भू-माफियाओं ने अंचल कार्यालय के पीछे नदी की हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है.

Ranchi News: न्यूज-18 ने जब इस बावत हेहल अंचल निरीक्षक से सवाल पूछा तो पहले वह अपने दफ्तर से निकलकर पीछे की नदी की जमीन को गौर से देखने लगे. फिर कहा कि आजतक पीछे वाली जमीन की नापी नहीं हुई है. लेकिन जल्द ही वह नापी कराएंगे.

  • Share this:
रांची. राज्य की सरकारी जमीनों पर इनदिनों भू माफियों की नजर लग चुकी है. आलम ये है कि भूमि माफिया राजधानी (Ranchi) की पहाड़ी बरसाती नदियों के आसपास की जमीन को भी अतिक्रमण करने से बाज नहीं आ रहे. सबसे बड़ी ताज्जुब की बात यह है कि अतिक्रमित जमीन के बिलकुल पास सटे अंचल कार्यालय के पदाधिकारी भी इस मामले में मौन हैं. आखिर इस मौन का मतलब क्या है.

राजधानी रांची के हेहल अंचल कार्यालय का ये नजारा जहां आपको शहर की कुदरती खूबसूरती का एहसास कराती है. वहीं इस अंचल कार्यालय के ठीक पीछे की तस्वीर आपको हैरत में डाल देगी. क्योंकि हेहल अंचल कार्यालय के ठीक पीछे का नजारा भू माफिया की दबंगई और अंचल कार्यालय की सोच की मंशा को उजागर करने के लिए काफी है. दरअसल अंचल कार्यालय के ठीक पीछे बहने वाली पहाड़ी बरसाती नदी के आसपास की हजारों एकड़ जमीन पर भू- माफिया और दबंगों का कब्जा हो चुका है. और सबसे बड़ी बात यह कि इस अतिक्रमण की भनक भी पास के अंचल कार्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को नहीं लगी.

न्यूज 18 ने जब इस बावत हेहल अंचल निरीक्षक से सवाल पूछा तो पहले वह अपने दफ्तर से निकलकर पीछे की नदी की जमीन को गौर से देखने लगे. जैसे नींद से जागकर आज पहली बार उन्होंने अंचल के पीछे की जमीन को देखा हो. हेहल अंचल निरीक्षक दिलीप कुमार गुप्ता ने न्यूज- 18 से कहा कि आजतक पीछे वाली जमीन की नापी नहीं हुई है. लेकिन संज्ञान दिलाने पर वह जल्द नदी की जमीन की नापी कराएंगे.

दरअसल जिस हेहल अंचल कार्यालय पर अपने प्रखंड की सरकारी जमीन की मापी कर उसे बचाने की जिम्मेदारी है. उसी अंचल कार्यालय को अपने दफ्तर के पास की जमीन का इतिहास भूगोल की जानकारी नहीं. न्यूज- 18 के हर सवाल का सर्किल इंस्पेक्टर टाल मटोल जवाब देते रहे. उन्होंने बताया कि नदी के उस पार की जमीन अरगोड़ा अंचल में आती है. जबकि इस पार की हेहल अंचल और हेहल मौजा की है. उन्होंने बताया कि नदी और उसके पास की जमीन गैर मजरूआ यानि सरकारी जमीन होती है.
ऐसे में सवाल ये है कि अंचल कार्यालय ने अपने पास की ही सरकारी जमीन की नापी कर जमीन की तस्वीर क्यों नहीं साफ की. आखिर मामले में खामोशी बरतकर किसे लाभ देने की कोशिश की गयी. आसपास के लोगों की मानें तो सरकारी जमीनों की नापी जानबूझकर नहीं की जाती. ताकि भू- माफिया और दबंगों को अतिक्रमण का मौका मिल सके.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज