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झारखंड में शराब के डियर को नहीं मिल रहा बीयर, कालाबाजारी से गिर रहा रेवेन्यू

झारखंड में इनदिनों बीयर की जमकर कालाबाजारी हो रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

झारखंड में इनदिनों बीयर की जमकर कालाबाजारी हो रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

झारखंड खुदरा शराब बिक्रेता संघ के सचिव सुबोध कुमार जायसवाल का आरोप है कि JSBCL द्वारा संचालित दुकानों से बीयर की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है. एजेंसी की दुकानों से बीयर को ज्यादा पैसों में ढाबे और दूसरे रेस्टोरेंट में बेचा जा रहा है. इसका सीधा असर बार की बिक्री पर पड़ रहा है. यह असर रेवेन्यू पर कहर ढा रहा है.

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रांची. गर्मी में गला तर करना जरूरी होता है. आम आदमी जहां शरबत से अपना गला तर करते हैं, तो वहीं शराब के शौकीन बीयर के प्याले से. लेकिन इस बार गर्मी में बीयर की बिक्री के खेल ने रेवन्यू के हलक के साथ ऐसी ज्यादती की है कि राजस्व का शरीर ही डोलता नजर आ रहा है. ऊपर से कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं सो अलग.

मॉनसून से पहले की गर्मी इस बार राज्य के बीयर के शौकीनों की खासी परेशान कर रही है. दर दर भटकने के बाद भी शौकीनों को बीयर की एक बूंद भी नसीब नहीं हो पा रही है. इसका दर्द झारखंड खुदरा शराब बिक्रेता संघ के आरोपों से साफ उजागर होता है.

संघ के सचिव सुबोध कुमार जायसवाल का सीधा आरोप है कि JSBCL द्वारा संचालित दुकानों से बीयर की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है. और एजेंसी की दुकानों से बीयर को ज्यादा पैसे में ढाबे और दूसरे रेस्टोरेंट में बेचा जा रहा है. इसका सीधा असर बार संचालकों की बिक्री पर पड़ रहा है. और यह असर सीधे रेवन्यू पर कहर ढा रहा है.

दरअसल अप्रैल 2022 तक बीयर समेत शराब की बिक्री और रेवेन्यू की सीधी जिम्मेदारी निजी दुकानदारों की थी. लेकिन इस मई की एक तारीख से नयी उत्पाद नीति के तहत यह जिम्मेदारी JSBCL द्वारा संचालित दुकानों को सौंप दी गयी. संघ का आरोप है कि तभी से बीयर की बिक्री का समीकरण भी बदल गया.

झारखंड खुदरा शराब बिक्रेता संघ के सचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने बताया कि अप्रैल 2022 तक जब तक निजी हाथों में शराब बेचने की जिम्मेदारी थी, तब तक ड्यूटी 9% थी. लेकिन मई 2022 में जैसे ही जेएसबीसीएल के हाथों में जिम्मेदारी दी गयी, ड्यूटी घटाकर 6% कर दी गयी.

दरअसल कोटा उठाव को लेकर इस साल हर महीने का अलग अलग ड्यूटी परसेंटेज है. जैसे इस साल मई और जून में 6%, आने वाली जुलाई में 7% और फिर अगस्त से मार्च 2023 तक 9% ड्यूटी हो जाएगी. बीयर की बिक्री को लेकर झारखंड खुदरा शराब बिक्रेता संघ का दावा है कि पिछले साल से इस साल अप्रैल 2022 तक जबतक निजी दुकानदारों के हाथों में शराब की कमान थी तब बीयर की बम्पर बिक्री से जमकर रेवेन्यू प्राप्त हुआ था. सिर्फ अप्रैल महीने की ही बात करें तो…

* अप्रैल 2021 में सिर्फ एक महीने में  4 लाख पेटी बीयर की बिक्री
* अप्रैल 2021 में करीब 80 करोड़ की बीयर की बिक्री
* अप्रैल 2022 में पांच लाख पेटी बीयर की हुई बिक्री * अप्रैल 2022 में करीब 100 करोड़ बीयर की हुई बिक्री
* मई 2022 में अबतक महज करीब 1 लाख पेटी ही बीयर की बिक्री
* मई 2022 में बीयर की बिक्री में कमी से राजस्व में अचानक गिरावट

वहीं राजधानी के बार संचालक और रांची जिला शराब बिक्रेता संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि बार संचालकों को अपने नजदीकी दुकान से शराब खरीदने की मजबूरी है. ऐसे में ज्यादा पैसे चुकाकर बीयर खरीदने की मजबूरी हो गयी है. उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था से कालाबाजारी दिनों दिन बढ़ती जा रही है.

Tags: Jharkhand news, Liquor

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