Madhupur By election: CM हेमंत समेत कई मंत्रियों ने संभाला मोर्चा, प्रचार में जुटे, सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का बीजेपी ने लगाया आरोप

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज से मधुपुर उपचुनाव के मद्देनजर प्रचार में जुट गये हैं. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज से मधुपुर उपचुनाव के मद्देनजर प्रचार में जुट गये हैं. (फाइल फोटो)

Madhupur By election: अगर ये कहा जाए कि इनदिनों मधुपुर से झारखंड सरकार चल रही है, तो हैरानी की बात नहीं. उपचुनाव के मद्देनजर सीएम हेमंत सोरेन समेत सरकार के ज्यादातर मंत्री मधुपुर में कैम्प कर रहे हैं.

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रांची. झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Govt) राजधानी रांची से मधुपुर शिफ्ट कर गई है. 17 अप्रैल को मधुपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव (Madhupur By election) को लेकर हेमंत सोरेन सरकार के ज्यादातर मंत्री चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. ऐसे में झारखंड मंत्रालय स्थित मंत्रियों के कार्यालय में सन्नाटा तो पसरा है ही, साथ- साथ सरकार के कई बड़े अधिकारियों के दफ्तरों में भी फाइलों की रफ्तार धीमी पड़ गई है.

अगर ये कहा जाए कि इनदिनों मधुपुर से झारखंड की सरकार चल रही है, तो हैरानी की बात नहीं. उपचुनाव के मद्देनजर सरकार के ज्यादातर मंत्री मधुपुर में कैम्प कर रहे हैं. इधर, रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में इस उपचुनाव का असर साफ तौर देखने को मिल रहा है. बात चाहे मंत्री के कार्यालय की करे या सचिव स्तर के अधिकारी की, कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है. सरकार के मंत्री उपचुनाव के प्रचार में व्यस्त हैं, ऐसे में सरकारी बाबुओं की छुट्टी तो बनती ही है. यही वजह है कि झारखंड मंत्रालय में आम दिनों की तरह इनदिनों सरकारी बाबू भी हजारी नहीं लगा रहे हैं.

सत्तापक्ष के लिए मधुपुर उपचुनाव की लड़ाई समय के साथ नाक की लड़ाई बनती जा रही है. महागठबंधन ने मंत्री हफीजूल हसन को मैदान में उतारकर इसे और रोचक बना दिया है. खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिये मैदान में कूद पड़े हैं. सरकार में शामिल कांग्रेस और राजद कोटे के मंत्री भी मधुपुर में जी जान से जुटे हुए हैं. जब पूरी सरकार एक उपचुनाव में जुटी हो , तो सवाल उठना जायज भी है. बीजेपी ने सरकार और सरकारी अधिकारियों पर मधुपुर उपचुनाव को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया है.

झारखंड में उपचुनाव का हर एक मुकाबला रोचक रहा है. इस बार भी सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. हालांकि मधुपुर की जनता के दिल में क्या चल रहा है और इस बार जनता किसे मधु खाने का मौका देगी, ये तो 2 मई को पता चलेगा.
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