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महाराष्ट्र चुनाव में शिवसेना के रणनीतिकार PK अब झारखंड में करेंगे BJP के खिलाफ प्रचार

News18Hindi
Updated: November 13, 2019, 5:08 PM IST
महाराष्ट्र चुनाव में शिवसेना के रणनीतिकार PK अब झारखंड में करेंगे BJP के खिलाफ प्रचार
झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए जेडीयू ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है. (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार और बिहार में एनडीए (NDA) में पार्टनर की भूमिका निभाने वाली जेडीयू (JDU) झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections) में अकेले चुनाव लड़ रही है.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 5:08 PM IST
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नई दिल्ली. झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections 2019) के लिए जेडीयू (JDU) ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में जेडीयू अध्यक्ष और बिहार (Bihar) के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बाद जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) का नाम शामिल है. ऐसा पहली बार है जब पार्टी के आधिकारिक लेटर हेड पर नीतीश कुमार के बाद प्रशांत किशोर (PK) का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल है. इस लिस्ट में मुंगेर के सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह जैसे दिग्‍गज पार्टी नेताओं का नाम भी प्रशांत किशोर के बाद रखा गया है.

झारखंड में जेडीयू के लिए बनाएंगे रणनीति
बता दें कि केंद्र और बिहार में एनडीए में पार्टनर की भूमिका निभाने वाली जेडीयू ने झारखंड विधानसभा का चुनाव अकेले दम पर लड़ने का फैसला किया है. इसके लिए जेडीयू पिछले कई महीनों से तैयारी कर रही थी. वहीं महाराष्ट्र चुनाव में शिवसेना के रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर झारखंड में जेडीयू का झंडा बुलंद रखने का प्रयास करेंगे. बीते सितंबर महीने में रांची में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में नीतीश कुमार ने बीजेपी पर इशारों-इशारों में तंज कसा था. पार्टी के राज्य स्तरीय सम्मेलन में बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा था कि पिछले 19 सालों से झारखंड में ज्यादातर एक ही पार्टी की सरकार रही है. इसके बावजूद विकास में राज्य पिछड़ गया है.

जेडीयू झारखंड विधानसभा का चुनाव अकेले दम पर लड़ रही है
झारखंड विधानसभा के चुनाव के लिए जेडीयू ने स्‍टार प्राचरकों की लिस्‍ट जारी की है.


सीएम नीतीश ने किया था हमला
नीतीश कुमार ने कहा, 'यह सोचकर आश्चर्य होता है कि जिस उम्मीद के साथ 19 साल पहले राज्य का गठन हुआ था, वह (झारखंड) आज भी आगे नहीं बढ़ पाया है. राज्य के बंटवारे के वक्त बिहार के लोग इसलिए मायूस थे कि खनिज संपदा झारखंड में चला गया और झारखंड के लोग बंटवारे के फैसले से खुश थे. उस वक्त सभी को लग रहा था कि झारखंड विकास की दौड़ में आगे निकल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.' उन्होंने कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि ऐसा क्यों नहीं हुआ, जबकि बिहार ने कम संसाधन के बावजूद विकास की रफ्तार पकड़ रखी है.

जोरदार मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिशराजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार झारखंड में अपनी पार्टी की मौजूदगी का एहसास जोरदार तरीके से कराना चाहते हैं. इसलिए अभी हाल ही में महाराष्ट्र में प्रशांत किशोर की रणनीति का लाभ पार्टी झारखंड में उठाना चाह रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि हाल के दिनों में बीजेपी की तरफ से पार्टी को ज्यादा तवज्जो नहीं मिली है, जैसे पहले मिला करती थी.

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First published: November 13, 2019, 3:23 PM IST
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