डॉक्टर ने कहा हर हाल में चाहिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट

Upendra Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 13, 2017, 12:22 AM IST
डॉक्टर ने कहा हर हाल में चाहिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट
डॉ. रीमा खलखो, चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल, रांची
Upendra Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 13, 2017, 12:22 AM IST
झारखंड राज्य के सरकारी - गैरसरकारी चिकित्सक पिछले छह वर्षो से राज्य में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं. चिकित्सकों की अपनी और अपने अस्पताल की सुरक्षा के लिए आईपीसी-सीआरपीसी से अलग विशेष कानून की मांग पुरानी रही है. चिकत्सकों का कहना है कि हर दिन डर के साये में रहकर रोगियों को देखने वाले चिकित्सकों को विशेष सुरक्षा कानून का छतरी जरूरी है.

इस बारे में सदर अस्पताल की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रीमा खलखो ने कहा कि चिकित्सकों को सुरक्षा बिल्कुल चाहिए. बाहर 200 मरीज होते और अंदर सिर्फ एक डॉक्टर और एक गार्ड रहता है. मान लीजिए कुछ अप्रिय घटित हो जाए तो परिस्थिति को कैसे संभाला जाएगा. डॉक्टर खलखो ने कहा कि पहले वाली बात नहीं रही. कुछ हुआ तो बस सारे मारने पीटने में लग जाते हैं. हमें हर हाल में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट चाहिए.

शुक्रवार को सदन में जब मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट (एमपीए) पेश किया गया तो नजारा कमोबेश हेमंत सोरेन सरकार के समय वाला ही रहा. सदन में बिल पेश होते ही भाजपा, झामुमो, कांग्रेस के साथ-साथ माले तक ने इसे जनविरोधी करार दिया. झामुमो ने तो साफ कह दिया कि वह एक ऐसे कानून का पक्षधर है जो पीपुल्स प्रोटेक्शन एक्ट की तरह हो.

झारखंड में एक ओर जहां डॉक्टर के प्रति लोगों के सहिष्णुता घटी है तो यह भी सच्चाई है कि डॉक्टर की लापरवाही के मामले भी बढ़े हैं. ऐसे में जनप्रतिनिधि जहां मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट में डॉक्टर की सुरक्षा के साथ-साथ गरीब बीमार जनता के हितों की रक्षा और लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई वाले प्रावधान चाह रहे हैं तो झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विस एसोसिएशन हर बार की तरह इस बार भी प्रस्तावित एमपीए को जनहित का बता रही है.
First published: August 13, 2017
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