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झारखंड के स्कूलों में मिड-डे-मील बंद होने की नौबत, 4 महीने बाद भी केंद्र से नहीं मिला फंड

झारखंड के स्कूलों में मिड-डे-मील बंद होने की नौबत, 4 महीने बाद भी केंद्र से नहीं मिला फंड

शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने मिड डे मील की राशि को लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाई है. (फाइल फोटो)

शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने मिड डे मील की राशि को लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाई है. (फाइल फोटो)

Jharkhand News: झारखंड के सरकारी स्कूलों में पैसे की कमी के चलते मिड-डे मील बंद होने की नौबत आ गयी है. वित्तीय वर्ष 2022-23 के साढ़े चार माह गुजरने के बाद भी इस योजना के लिए राज्य को कोई राशि नहीं मिली है. राज्य के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने इसे लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाई है.

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हाइलाइट्स

वित्तीय वर्ष 2022-23 के साढ़े चार माह गुजरने के बाद भी मिड डे मील के लिए राज्य को कोई राशि नहीं मिली है.
झारखंड के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने मिड डे मील की राशि को को लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाई है.
मध्याह्न् भोजन योजना के लिए 630 करोड़ की स्वीकृत हुई है.

रांची. झारखंड के सरकारी स्कूलों में पैसे की कमी के चलते मिड-डे मील बंद होने की नौबत आ गयी है. वित्तीय वर्ष 2022-23 के साढ़े चार माह गुजरने के बाद भी इस योजना के लिए राज्य को कोई राशि नहीं मिली है. राज्य के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने इसे लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाई है. उन्होंने कहा है कि मिड-डे मील के साथ-साथ समग्र शिक्षा अभियान की राशि भी केंद्र ने जारी नहीं की है. इससे भारी परेशानी पैदा हो गई है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केंद्र और झारखंड सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पैब) की बैठक में समग्र शिक्षा अभियान के लिए 900 करोड़ और मध्याह्न् भोजन योजना के लिए 630 करोड़ की स्वीकृत हुई है. नियम के मुताबिक इस राशि का 60 फीसदी केंद्र सरकार से मिलना है, जबकि राज्य सरकार अपने खजाने से 40 फीसदी राशि देगी. बताया जा रहा है कि राज्य सरकार भी अपने मद की राशि तभी खर्च कर सकती है, जब केंद्र की ओर से उसके हिस्से की राशि आ जाए.

इन खर्चों के लिए पैसा देती है सरकार 

बता दें, स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए सरकार चावल उपलब्ध कराती है, जबकि दाल, तेल, मसाला, सब्जी, फल, अंडा और कुकिंग कॉस्ट के लिए छात्रों की संख्या के हिसाब से राशि उपलब्ध कराती है. पहली से पांचवीं कक्षा के प्रत्येक बच्चे के लिए कुकिंग कॉस्ट के तौर पर 4.97 रुपये और कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों के लिए 7.45 रुपये मिलते हैं. राज्य में अप्रैल से जून तक के लिए इस मद में राशि उपलब्ध करायी गयी थी. जुलाई से इस मद में स्कूलों को कोई पैसा नहीं मिला है.

अभी तक नहीं मिली 650 करोड़ की राशि 

झारखंड सरकार ने मिड-डे-मील में बच्चों को हफ्ते में पांच दिन अंडा या फल देना अनिवार्य किया है और इसके लिए सालाना लगभग 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट तय किया गया है. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से मिड-डे-मील की राशि नहीं मिल पाने की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है. राज्य के शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मिड-डे-मील के लिए करीब 650-700 करोड़ रूपए की उपलब्ध करायी जाती है, जो अब तक अप्राप्त है.

अन्नपूर्णा देवी ने कहा- 1 हफ्ते के अंदर हो जाएगा भुगतान 

झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के मध्याह्न भोजन के पैसे के नहीं मिलने की शिकायत के बाद केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मंत्रालय के अधिकारियों से बात कर इस मामले में पूरी जानकारी ली है. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जगरनाथ महतो को बताया कि 1 हफ्ते के भीतर झारखंड का सभी बकाया भुगतान कर दिया जाएगा.

Tags: Jharkhand news, Mid Day Meal, Ranchi news

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