COVID-19: प्रवासी मजदूरों ने बढ़ाया झारखंड में कोरोना का ग्राफ, पिछले 8 दिनों में 197 लोग पॉजिटिव

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रवासी मजदूरों (migrant workers) के आने से गढ़वा, पलामू, गिरिडीह में तेजी से बढ़े कोरोना पॉजिटिव (corona positive) मामले, प्रवासी मजदूरों के झारखंड आने से कई नए जिलों में कोरोना ने दस्तक दे दी है.

  • Share this:
रांची. अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (International labor day) यानि 01 मई के दिन तेलंगाना से प्रवासी मजदूरों को लेकर झारखंड की राजधानी रांची पहली ट्रेन (Shramik special Train) जब पहुंची थी तब राज्य में कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) मरीजों की संख्या महज 113 थी जो अब बढ़कर 197 हो गई है. एक पखवाड़े में ही 84 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 68 से ज्यादा केस सिर्फ उन लोगों के मिले जो दूसरे राज्यों से झारखंड लौटे थे यानि प्रवासी लोगों से.

कई जिलों में कोरोना की दस्तक प्रवासियों के माध्यम से !
झारखंड की हेमन्त सोरेन (Hemant Soren) सरकार का दावा है कि राज्य में 44 ट्रेनों से अब तक 60 हजार से ज्यादा प्रवासी रेल से और 30 हजार से ज्यादा प्रवासी बस से दूसरे प्रदेशों से झारखंड आ चुके हैं, वहीं 56 ट्रेनों का शेड्यूल बन चुका है. सरकारी दावा है कि दूसरे प्रदेशों से लौटे वैसे मजदूर जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं उन्हें होम क्वारंटाइन (home quarantine) में रखा गया है जबकि लक्षण वाले प्रवासियों को आइसोलेशन वार्ड और सरकारी क्वारंटाइन में रखा गया है. प्रवासी मजदूरों के आने से गढ़वा, पलामू, गिरिडीह में तेजी से बढ़े कोरोना पॉजिटिव प्रवासी मजदूरों के झारखंड आने से कई नए जिलों में कोरोना ने दस्तक दे दी. गढ़वा, गिरिडीह और पलामू जिले जहां सबसे ज्यादा मजदूर सूरत, तेलंगाना, मुम्बई सहित कई राज्यों से लौटे हैं वहां तो मानो कोरोना विस्फोट ही हो गया. गढ़वा में तो एक दिन में ही 20 पॉजिटिव केस मिले थे. पलामू, जमशेदपुर, लातेहार, दुमका, जामताड़ा सहित कई जिलों में तो कोरोना ने दस्तक ही प्रवासी मजदूरों के माध्यम से दी है.

बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश सरकार पर उठाये सवाल
प्रवासियों को लेकर की गई सरकारी व्यवस्था पर भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार का दावा है कि दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों और कोटा से लौटे छात्रों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है, सरकार के इस दावे पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) कहते हैं कि झारखंड के गांव में कोरोना बढ़ने का खतरा बढ़ गया है, सरकार जिन लोगों को होम क्वारंटाइन करने की बात कह रही है वह किसी भी गांव में घूमते मिल जाएंगे. News18 से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने शंका जताई कि प्रवासी मजदूरों में जिस रफ्तार से कोरोना के केस मिल रहे हैं वैसे में अगर गांव और कस्बे में कोरोना फैल गया तो फिर स्थितियां बेकाबू हो जाएंगी. हर स्कूल और पंचायत भवन को क्वारंटाइन सेंटर बनाकर सभी प्रवासियों को 14 दिन क्वारंटाइन पर सरकार रखे तभी हालात पर काबू पाया जा सकता है. भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि सरकार दूसरे प्रदेश से घर लौटने वाले हर प्रवासी को सरकारी क्वारंटाइन सेंटर में रखे, उनके अनुसार इसमें कोई दिक्कत भी नहीं है. बाबूलाल मरांडी ने राज्य के सभी सरकारी स्कूल और पंचायत भवन को क्वारंटाइन सेंटर बनाकर वहां प्रशासन के देख-रेख में प्रवासियों के 14 दिन के लिए क्वारंटाइन करने की सलाह दी.



JMM का बाबूलाल पर पलटवार
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बाबूलाल पर पलटवार करते हुए कहा कि 'उन्होंने दिल्ली से लौटे अपने सांसदों को क्यों नहीं करवाया सरकारी क्वारंटाइन. प्रवासियों को लेकर जारी राजनीति में सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि बाबूलाल मरांडी आज बाहर से लौटे गरीब मजदूरों को सरकारी क्वारंटाइन में रखने की बात कह रहे है, वह बताएं कि जब भाजपा के दो सांसद संजय सेठ और पीएन सिंह लॉकडाउन के नियमों को तोड़ दिल्ली से रांची और धनबाद लौटे थे उस समय क्यों नही इनको सरकारी क्वारंटाइन सेंटर भेज दिए थे. Jmm का दावा है कि हेमन्त सोरेन की सरकार न सिर्फ प्रवासी मजदूरों को सम्मान के साथ दुख की इस घड़ी में घर ला रही है बल्कि उनके रहने खाने-पीने तथा इलाज की पूरी व्यवस्था भी करा रही है.

ये भी पढ़ें- 4 साल की आयरा का Birthday मनाने पहुंची पुलिस, रिटर्न गिफ्ट में मिला ये, देखें वीडियो...
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज