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खनन पट्टा आवंटन मामला: CM हेमंत सोरेन को जवाब देने के लिए चुनाव आयोग ने दिया 10 दिन का वक्त

खदान लीज आवंटन मामले में चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री ने हेमंत सोरेन ने 30 दिन का समय मांगा है (फाइल फोटो)

खदान लीज आवंटन मामले में चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री ने हेमंत सोरेन ने 30 दिन का समय मांगा है (फाइल फोटो)

Mining Lease Case: पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस वाई कुरैशी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ मामला काफी गंभीर है. अब केंद्रीय चुनाव आयोग इस मामले में किस तरह से वक्त देती है या जल्द से जल्द कार्रवाई करती है, यह तो उनके विवेक पर निर्भर है. लेकिन एक महीने का जो वक्त हेमंत सोरेन के द्वारा मांगा गया है, वो काफी ज्यादा है. दो-तीन दिन के अंदर ही इस मसले पर जवाब दिया जा सकता है

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नई दिल्ली/रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खनन पट्ट से जुड़े मसले पर केंद्रीय चुनाव आयोग ने 10 दिन का समय दिया है. हालांकि खनन लीज मामले में चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देने के लिए सीएम हेमंत सोरेन ने 10 दिन का समय मांगा था.

खनन पट्टे से जुड़े इस मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा किस तरह की कार्रवाई हो सकती है, इस मसले पर न्यूज़ 18 ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. एस वाई कुरैशी (Former CEC S Y Quraishi) के साथ विशेष बातचीत की है. पूर्व सीईसी डॉ. एस वाई कुरैशी ने कहा कि हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के मामले के जैसे ही पहले भी ऐसे मामले में 90 के दशक में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव (Lalu Yadav) की योग्यता को ख़ारिज कर दिया गया था, जिसके चलते उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा था. लालू यादव ने इसके बाद अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बना दिया था.

उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के खिलाफ मामला काफी गंभीर है. अब केंद्रीय चुनाव आयोग इस मामले में किस तरह से वक्त देती है या जल्द से जल्द कार्रवाई करती है, यह तो उनके विवेक पर निर्भर है. लेकिन एक महीने का जो वक्त हेमंत सोरेन के द्वारा मांगा गया है, वो काफी ज्यादा है. दो-तीन दिन के अंदर ही इस मसले पर जवाब दिया जा सकता है.

पूर्व CEC एस वाई कुरैशी ने कहा कि खनन पट्टा आवंटन मामले में सीएम हेमंत सोरेन का नोटिस का जवाब देने के लिए 30 दिन का समय मांगना बहुत ज्यादा है (फाइल फोटो)

हेमंत सोरेन पर CM रहते खनन पट्टा आवंटन करवाने का आरोप

बता दें कि हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते अपने नाम पर खनन पट्टा आवंटन कराया है. चुनाव आयोग ने इस मामले में बीते तीन मई को सीएम हेमंत सोरेन को नोटिस भेजा था. नोटिस में चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया था कि उनके पक्ष में खदान का पट्टा जारी होने के एवज में क्यों ना उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिये. हेमंत सोरेन को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिये 10 मई तक का समय दिया गया था.

चुनाव आयोग के द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गये नोटिस की कॉपी राजभवन और बीजेपी दफ्तर को भी भेजा गया था.

दरअसल रांची के अनगड़ा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा 88 डिसमिल जमीन पत्थर खदान के लिये लीज पर लेने का मामला सामने आया है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मामले का खुलासा करते हुए हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री रहने के साथ-साथ खनन मंत्री होने के बावजूद अपने नाम पर खदान लीज लेने के मामले को पद का दुरुपयोग बताया था. साथ ही यह भी कहा कि यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-9A के दायरे में आता है. इसके तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता को रद्द करनी चाहिये.

Tags: Central Election Commission, CM Hemant Soren, Jharkhand news

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