Home /News /jharkhand /

मंत्री मिथिलेश ठाकुर पर लगा JFA में गुटबाजी बढ़ाने का आरोप, दांव पर फुटबॉल खिलाड़ियों का भविष्य

मंत्री मिथिलेश ठाकुर पर लगा JFA में गुटबाजी बढ़ाने का आरोप, दांव पर फुटबॉल खिलाड़ियों का भविष्य

झारखंड में 3 हजार से ज्यादा फुटबॉल खिलाड़ियों का करियर राजनीति की वजह से बर्बाद होता दिख रहा है.

झारखंड में 3 हजार से ज्यादा फुटबॉल खिलाड़ियों का करियर राजनीति की वजह से बर्बाद होता दिख रहा है.

Jharkhand: 3 हजार से ज्यादा फुटबॉल खिलाड़ियों का करियर झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन की आपसी राजनीति और खेमेबाजी में फंसकर बर्बाद होता दिख रहा है. इस खेमेबाजी को बढ़ावा देने का एक बड़ा आरोप सरकार में मंत्री मिथिलेश ठाकुर पर भी लग रहा है.

अधिक पढ़ें ...

रांची. खेलों के लिए मशहूर प्रदेश झारखंड (Jharkhand) में इस समय एक बार फिर फुटबॉल को लेकर जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है. लेकिन, राज्य के गरीब 3 हजार से ज्यादा फुटबॉल खिलाड़ियों  (Football Players) का करियर झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन (Jharkhand Football Association) की आपसी राजनीति और खेमेबाजी में फंसकर बर्बाद होता दिख रहा है. इस खेमेबाजी को बढ़ावा देने का एक बड़ा आरोप सरकार में मंत्री मिथिलेश ठाकुर पर भी लग रहा है. दरअसल राजधानी रांची के खेलगांव में 24 और 25 नवंबर को फुटबॉल खिलाड़ियों का विमेन चैंपियनशिप और संतोष ट्रॉफी के लिए ट्रायल चल रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि केरल में 24 नवंबर से विमेंस चैंपियनशिप की शुरुआत हो चुकी है. लेकिन अभी तक झारखंड की टीम बनी ही नहीं है. बुधवार को महिला टीम के गठन के लिए एआईएफएफ की ओर से महिला सीनियर खिलाड़ियों का ट्रायल लिया गया.‌ इस ट्रायल में कुल 40 महिला फुटबालर्स शामिल हुईं. इस संबंध में झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष नजम अंसारी और सचिव गुलाम रब्बानी की ओर से अलग-अलग 20 महिला फुटबॉलर्स की सूची भेजी गयी थी. जिसमें सबसे अचरज की बात यह थी कि सचिव गुलाम रब्बानी की AIFF को भेजी गयी सूची पर राज्य सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर का भी हस्ताक्षर था. बताया जा रहा है कि मंत्री जी बकायदा एसोसिएशन में चेयरमैन पद पर हैं, जबकि फुटबॉल से जुड़े लोगों का आरोप है कि झारखंड में चेयरमैन का कोई पद है ही नहीं. AIFF का पत्राचार भी एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव के साथ ही होता है.

रांची जिला फुटबॉल लीग संचालन समिति के कन्वेनर सरोजनाथ महतो बताते हैं कि आज से दो महीने पहले झारखंड से महज 9 या 10 क्लब ही सीएसआर के तहत रजिस्टर्ड थे. लेकिन, बीते दो महीनों में रजिस्ट्रर्ड क्लबों की संख्या बढ़कर चार सौ के करीब पहुंच गयी है. जिसको लेकर क्लब और खिलाड़ियों के बीच नजम अंसारी का कद बढ़ा है. वहीं सचिव और अध्यक्ष के बीच अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए सचिव गुलाम रब्बानी ने मंत्री मिथिलेश ठाकुर का दामन पकड़ा तो अध्यक्ष नजम अंसारी ने खिजरी विधायक राजेश कच्छप का.

रांची लीग संचालन समिति के सदस्य मुस्तफा अंसारी की मानें तो झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन में मंत्री मिथिलेश ठाकुर को चेयरमैन का पद अध्यक्ष नजम अंसारी के कद को कतरने के लिए दिया गया है. आरोप यह भी है कि दो साल पहले बगैर अध्यक्ष नजम अंसारी की जानकारी में एजीएम की बैठक बुलाकर सचिव गुलाम रब्बानी ने मंत्री मिथिलेश ठाकुर को चेयरमैन के पद पर बिठा दिया था, जबकि झारखंड फुटबॉल एसो. चेयरमैन जैसा कोई पद है नहीं है. वहीं इन तमाम गुटबाजी की वजह से टीम बनने में हुई देरी का खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है.

ट्रायल देने खेलगांव पहुंची रोशनी मिंज बताती है कि केरल में टूर्नामेंट 24 नवंबर से शुरू हो चुका है. बुधवार को वीमेंस चैंपियनशिप में हुए ट्रायल में कुल 20 फुटबॉलर्स का चयन कर झारखंड की टीम बनायी जाएगी और जल्द से जल्द टीम को केरल को रवाना किया जाएगा. जहां 29 नवंबर को झारखंड का पहला मुकाबला कर्नाटक के साथ होगा.

अब सवाल यह है कि अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने और फुटबॉल में अपना फायदा देखने वालों के लिए राज्य में गरीबों का यह खेल कितना अहमियत रखता है? कहीं इनकी राजनीति की वजह से खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर न लग जाए.

Tags: Bihar Jharkhand News, Football, Jharkhand news, Jharkhand Politics, Ranchi news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर