कोरोना काल में सरयू राय ने फोड़ा 'मेनहर्ट' बम, किताब में पूर्व CM रघुवर दास पर लगाए कई आरोप
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कोरोना काल में सरयू राय ने फोड़ा 'मेनहर्ट' बम, किताब में पूर्व CM रघुवर दास पर लगाए कई आरोप
पूर्व मंत्री सरयू राय ने अपनी किताब में पूर्व सीएम रघुवर दास पर कई आरोप लगाये हैं.

सरयू राय (Saryu Ray) ने दावा किया है कि उनकी किताब में लिखी गई सारी बातें सत्य हैं और सरकारी तथ्यों के आधार पर हैं. इसलिए जिनको चैलेंज करना हो कर सकते हैं. किताब में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghuvar Das) पर कई आरोप लगाये गये हैं.

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रांची. झारखंड में बहुचर्चित मेनहर्ट घोटाले (Menhart Scam) का जिन्न एक बार फिर बाहर निकला है. पूर्व मंत्री और विधायक सरयू राय (Saryu Ray) ने अपनी किताब 'लम्हों की खता' में सरकारी सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार (Corruption) को उजागर करने की कोशिश की है. किताब में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghuvar Das) पर कई आरोप लगाये गये हैं. बता दें कि पिछली रघुवर सरकार में सरयू राय मंत्री थे.

सोमवार को सरयू राय की इस किताब का विमोचन सूबे के पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार सिंह के हाथों हुआ. इस किताब में 2005 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री रघुवर दास पर पूर्व से काम कर रहे ओआरजी और स्पैन की छुट्टी कर रांची में सिवरेज-ड्रेनेज बनाने का काम सिंगापुर की कंपनी मेनहर्ट को देने का आरोप है. 2003 में हाईकोर्ट के आदेश पर रांची में सिवरेज ड्रेनेज के लिए ऑपरेशन रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड और स्पैन कंपनी को परामर्शी बनाया गया था. जिसके कामों की देखरेख रांची डीसी करते थे. लेकिन 2005 में नई सरकार बनने के बाद नगर विकास मंत्री रघुवर दास ने दोनों कंपनियों के कामकाज की समीक्षा कर दोनों कंपनियों को परामर्शी से हटा दिया था.

किताब में मेनहर्ट घोटाले का विस्तार से जिक्र



इस पुस्तक में 2006 में मेनहर्ट के साथ हुए एकरारनामा में निविदा प्रकाशन से लेकर निविदा निष्पादन तक में गड़बडी का आरोप लगाया गया है. बाद में इसकी गूंज विधानसभा से लेकर विजिलेंस की जांच तक में सुनाई दी. विजिलेंस जांच के दौरान तत्कालीन विजिलेंस डीआईजी, जो वर्तमान में डीजीपी हैं, उनके द्वारा लिखी गयी कई सरकारी चिठ्ठी का भी उल्लेख किया गया है. करीब 20 खंडों में लिखे गये इस पुस्तक में सरयू राय ने सिवरेज-ड्रेनेज के नाम पर हुई वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए राजनीतिक रंग भी दिया है.
'बार-बार मुद्दा उठाया इसलिए बीजेपी से निकाले गये' 

उन्होंने मेनहर्ट मुद्दा को बार-बार उठाये जाने के कारण बीजेपी से बाहर निकाले जाने की बात कहते हुए दावा किया कि किताब में लिखी गई सारी बातें सत्य हैं और सरकारी तथ्यों के आधार पर हैं. इसलिए जिनको चैलेंज करना हो कर सकते हैं. 168 पेज की इस किताब में मेनहर्ट घोटाले के बारे में विधानसभा से लेकर महाधिवक्ता की टिप्पणी, जांच को धीमा किया जाना, भ्रष्टाचार और गड़बड़ी का विस्तार से जिक्र है. पुस्तक का विमोचन पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार सिंह ने किया, जो अपने कार्यकाल के दौरान मेनहर्ट मुद्दे पर टिप्पणी करने के तीन दिन बाद मुख्य सचिव पद से हटा दिये गये थे.
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