Jharkhand : मनरेगा योजना की समीक्षा की गई, मजदूरों को उनके ही गांव में रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा

ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मनरेगा योजना की समीक्षा की.
ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मनरेगा योजना की समीक्षा की.

'बोले मजदूर अभियान' एवं 'दीदी बाड़ी योजना' का संचालन मिशन मोड में करने की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इन सभी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है.

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  • Last Updated: September 18, 2020, 11:19 PM IST
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रांची. झारखंड (Jharkhand) की ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) के माध्यम मनरेगा (MANREGA) योजना की समीक्षा की गई. कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित बैठक में सभी जिलों के उप विकास आयुक्त/ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित हुए.

डेढ़ करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य

इस मौके पर सचिव ने कहा कि अभियान में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु गांव-गांव जाकर सामाजिक अंकेक्षण इकाई इच्छुक मजदूरों से काम जरूरत के बारे में आंकड़े जुटाएगी. उसके बाद उप विकास आयुक्त एवं मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी/ प्रखंड विकास पदाधिकारी मजदूरों को उनके ही गांव और टोला में रोजगार कराएंगे. अभियान की अवधि में डेढ़ करोड़ मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य है.



धानरोपनी के बाद काम की जरूरत
राज्य में धानरोपनी का समय समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में मजदूरों को काम की आवश्यकता पड़ेगी. इसको देखते हुए विभाग एक अभियान चलाकर रोजगार उपलब्ध कराने की कार्रवाई कर रहा है. बैठक में सचिव आराधना पटनायक ने संबंधित पदाधिकारियों को मनरेगा एवं जेएसएलपीएस के अंतर्गत चलाए जा रही 'दीदी बाड़ी योजना' से जुड़ी जानकारी दी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. सचिव ने कहा कि इस अभियान के तहत अगले 6 माह में मनरेगा एवं जेएसएलपीएस के अभिसरण से 5 लाख परिवारों से 'दीदी बाड़ी योजना' का कार्य लिया जाएगा.

राज्य में 5,59,305 योजनाओं पर काम शुरू

विभागीय मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि वर्तमान में राज्य में कुल 5,59,305 योजनाओं पर काम शुरू किया गया है, इन योजनाओं को विशेष कार्य योजना बनाकर पूरा किया जाए. सबसे पहले पुरानी योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया जाए. उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनके गांव टोला में ही कार्य उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है. यह आवश्यक है कि हर गांव मोहल्लों में पर्याप्त संख्या में योजनाएं स्वीकृत हों.

अंतिम आदमी तक पहुंचेगा लाभ

मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को धरातल पर उतारना हमारी जिम्मेवारी है. राज्य में डेढ़ करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य विभाग द्वारा रखा गया है, इस लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास प्रतिबद्धता के साथ किया जा रहा है. 'बोले मजदूर अभियान' एवं 'दीदी बाड़ी योजना' का संचालन मिशन मोड में करने की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इन सभी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है.
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