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HEC परिसर में एंट्री के साथ ही 3600 से अधिक कर्मियों का क्यों चढ़ जाता है पारा? जानें वजह

रांची हटिया के हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के 3600 कर्मचारियों को 6 माह से वेतन नहीं मिला है.

रांची हटिया के हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के 3600 कर्मचारियों को 6 माह से वेतन नहीं मिला है.

HEC के कर्मचारी इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं. करीब छह माह से तनख्वाह नहीं मिलने की वजह से जहां कर्मियों के सामने घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, वहीं दुर्गा पूजा के दौरान परिजनों की जरूरतें पूरी करने का भी दबाव है. ऐसे में अपना ही वेतन नहीं मिलने का दंश हर दिन लेकर कर्मचारी फैक्ट्री में प्रवेश करते हैं.

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रांची. देश की मदर इंडस्ट्री एचईसी (HEC) इन दिनों कश्मकश और परेशानियों के दौर से गुजर रही है. राष्ट्र के सम्मान और रक्षा के लिए एक से बढ़कर सामान बनाने वाली एचईसी की खुद की साख आज दांव पर लगी है. फैक्ट्री में काम करने वाले 3600 से ज्यादा कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं मिला है. इनमें एक बड़ी तादाद आउटसोर्सिंग स्टाफ की है. कर्मचारी हर दिन सुबह 8.30 बजे अपनी शिफ्ट में समय पर फैक्ट्री तो पहुंचते हैं. गेट के बाहर उनके शरीर का तापमान भी चेक होता है, लेकिन उनके अंदर की नाराजगी और गुस्से के तापमान को पकड़ने वाली कोई मशीन प्रबंधन की ओर से अबतक नहीं लगायी गयी.

कंपनी के टेक्निकल विभाग में काम करने वाले राजेश कुमार बताते हैं कि बढ़ती महंगाई में पांच महीनों से तनख्वाह नहीं मिले तो आप परिवार की हालत समझ सकते हैं. लेकिन, एचईसी प्रबंधन को इससे कोई मतलब नहीं. वे सिर्फ नये-नये फरमान ही जारी करना जानते हैं. उन्होंने बताया कि बच्चे दुर्गा पूजा पर नये कपड़े खरीदने की जिद कर रहे हैं. उन्हें नये कपड़े कहां से दिलाएं यह समझ में नहीं आ रहा. आनंद एचईसी में आउटसोर्सिंग स्टाफ हैं. उनकी मानें तो मुहल्ले के किराने की दुकान ने भी अब कर्ज पर सामान देना बंद कर दिया है क्योंकि उसे भी बकाया पैसे को लेकर कोई भरोसा नहीं मिल पा रहा.

दरअसल पिछले महीने ही एचईसी प्रबंधन ने कर्मचारियों को स्मार्टफोन फैक्ट्री के अंदर लाने पर पाबंदी लगा दी है. न्यूज 18 के कैमरे पर कई कर्मचारी वेतन के सवाल पर ही मायूस और रुआंसे हो जाते हैं. वे बताते हैं कि दुर्गा पूजा के समय पर जहां घर में रौनक होती थी. लेकिन आज खाने तक को लाले पड़ रहे हैं. ऐसे में बच्चों के नये कपड़े खऱीदने पर ध्य़ान ही नहीं जा रहा. कर्मचारी इसके लिए सीधे प्रबंधन को दोषी ठहराते हैं.

एचईसी के कर्मचारी साफ कहते हैं कि एचईसी में वर्कऑर्डर की कोई कमी नहीं. करोड़ों का वर्कऑर्डर मिला है. लेकिन, कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन कहां अटका है, उन्हें नहीं मालूम. इस मसले पर हटिया कामगार यूनियन के अध्यक्ष कैलाशपति साहू इसके लिए सीधे प्रबंधन को दोषी ठहराते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी एचईसी को गंभीरता से नहीं ले रही, लिहाजा इसका असर सीधे कर्मचारियों पर पड़ रहा है. अगर जल्द ही बकाया वेतन देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया तो आगे की रणनीति जल्द ही घोषित की जाएगी.

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