‘परिवारिक विवादों में सर्वाधिक मामले लव मैरेज से जुड़े’: जस्टिस कुरीयन जोसेफ

ज्यूडिशियल एकेडमी में नेशनल सेमिनार का आयोजन
ज्यूडिशियल एकेडमी में नेशनल सेमिनार का आयोजन

रांची में ज्यूडिशियल एकेडमी में नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया. एकेडमी धुर्वा में आयोजित इस नेशनल मीट में सुप्रीम कोर्ट के कई जजों के अलावा दिल्ली ,इलाहाबाद समेत देशभर के विभिन्न उच्च न्यायालयों के जज शामिल हुए.

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झारखंड की राजधानी रांची में ज्यूडिशियल एकेडमी में नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया. एकेडमी धुर्वा में आयोजित इस नेशनल मीट में सुप्रीम कोर्ट के कई जजों के अलावा दिल्ली ,इलाहाबाद समेत देशभर के विभिन्न उच्च न्यायालयों के जज शामिल हुए. वैचारिक मतभेद और सामाजिक परिवर्तन के कारण पारिवारिक विवाद भी अदालत तक पहुंच जाते हैं. जिसे सुलझाना बेहद ही चुनौती भरा काम है. इन्ही उद्देश्यों को लेकर पहली बार झारखंड में फैमिली कोर्ट मैटर के ऊपर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.फैमिटी कोर्ट मैटर पर आयोजित इस नेशनल सेमिनार को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस कुरीयन जोसेफ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने मैरेज इंस्टीच्यूशन को बचाने पर जोर देते कहा कि न्यायालयों में फैमिली विवाद के सर्वाधिक केस लव मैरेज के देखे जा रहे हैं

इस अवसर पर दिल्ली,इलाहाबाद,केरल समेत देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों से आये न्यायधीशों की मौजूदगी में न्यायविदों ने फैमिली डिस्प्यूट के उपर सुप्रीमकोर्ट के द्वारा दिये गये महत्वपूर्ण जजमेंट के संग्रह पर प्रकाशित बुकलेट का विमोचन किया गया. झालसा द्वारा आयोजित इस सेमिनार को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस समेत कई न्यायविदों ने संबोधित किया.दिनभर चले इस राष्ट्रीय सेमिनार में फैमिली डिस्प्यूट के बढ़ रहे मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए न्यायविदों ने कोर्ट में लंबित ऐसे केंसो को सुलझाने के लिए कांउसिलिंग पर ज्यादा जोर देने को कहा जिससे पारिवारिक विवाद के कारण बिखरते परिवार को बचाया जा सके.

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