Home /News /jharkhand /

रांची की 'मुनिया बिटिया' को मिल ही गई स्‍कूल ड्रेस

रांची की 'मुनिया बिटिया' को मिल ही गई स्‍कूल ड्रेस

झारखंड सरकार की मुनिया बेटी अब खिलखिला रही है. उसके चेहरे पर एक सुकून था और दिल में थी खूब पढ़ने की तमन्‍ना. दरअसल, मुनिया बेटी पिछले कई महीनों से फटी और पुरानी स्कूली ड्रेस पहनकर स्कूल आ रही थी.

झारखंड सरकार की मुनिया बेटी अब खिलखिला रही है. उसके चेहरे पर एक सुकून था और दिल में थी खूब पढ़ने की तमन्‍ना. दरअसल, मुनिया बेटी पिछले कई महीनों से फटी और पुरानी स्कूली ड्रेस पहनकर स्कूल आ रही थी.

झारखंड सरकार की मुनिया बेटी अब खिलखिला रही है. उसके चेहरे पर एक सुकून था और दिल में थी खूब पढ़ने की तमन्‍ना. दरअसल, मुनिया बेटी पिछले कई महीनों से फटी और पुरानी स्कूली ड्रेस पहनकर स्कूल आ रही थी.

झारखंड सरकार की मुनिया बेटी अब खिलखिला रही है. उसके चेहरे पर एक सुकून था और दिल में थी खूब पढ़ने की तमन्‍ना. दरअसल, मुनिया बेटी पिछले कई महीनों से फटी और पुरानी स्कूली ड्रेस पहनकर स्कूल आ रही थी.

कई बच्चियों की ड्रेस का साइज भी छोटा हो गया था, लेकिन अब हर 'मुनिया' नया ड्रेस पहनेगी और स्‍कूल आएगी. ये मुनिया बिटिया हैं प्रदेश के सरकारी स्‍कूलों में पढ़ने वाली बच्चियां.

राजधानी रांची के विभिन्न सरकारी स्कूलों में सोमवार से स्कूली ड्रेस का वितरण शुरू हो गया. सोमवार को चालू शैक्षणिक सत्र का अंतिम दिन था. लिहाजा, बच्चे नई स्कूली ड्रेस के साथ स्कूल से विदा हुए. सोमवार को जिस वक्त स्कूलों में स्कूली ड्रेस का वितरण हो रहा था, उस वक्त बच्चों के चेहरे खिल रहे थे. तमाम सरकारी स्कूलों में छह अप्रैल से कक्षाएं नियमित हो जाएंगी.

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने इस बार किसी भी झमेले से बचने के लिए स्कूली ड्रेस के लिए राशि सीधा स्कूलों को ही भेज दी. स्कूलों को भेजी गई राशि में इस बात का आदेश शामिल था कि स्कूल के प्रधानाध्यापक कपड़े खरीदकर उसे सिलवाकर बच्चों के बीच बांटेंगे, लेकिन एक मुश्त कपड़े सिलने के लिए दर्जी नहीं मिल पा रहे थे.

इसके बाद में ईटीवी पर इस संबंध में खबर प्रसारित करने के बाद जिलों के डीएसई ने रेडीमेड कपड़े देने की योजना पर अपनी सहमति दी, जिसके बाद यह संभव हो सका. गौरतलब है कि सरकार ने एक बच्चे पर दो सेट कपड़े देने के लिए 400 रुपए की राशि निर्धारित की थी.

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर