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रांची : घर-घर से कचरा न उठने से नाराज पार्षद, मेयर और कमिश्नर से की शिकायत

राजधानी रांची के प्रदेश के छोटे शहरों से सफाई मामलों में पिछड़ जाने के बावजूद रांची नगर निगम गंभीर नहीं है.
राजधानी रांची के प्रदेश के छोटे शहरों से सफाई मामलों में पिछड़ जाने के बावजूद रांची नगर निगम गंभीर नहीं है.

राजधानी रांची के प्रदेश के छोटे शहरों से सफाई मामलों में पिछड़ जाने के बावजूद रांची नगर निगम गंभीर नहीं है.

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प्रदेश के छोटे शहरों से सफाई मामलों में पिछड़ जाने के बावजूद रांची नगर निगम गंभीर नहीं है. रांची के किसी भी इलाके में आज तक डोर टू डोर कचरा उठाने की व्यवस्था नहीं बन पायी है.

रांची की साफ सफाई की जिम्मेदारी 2015 में एमएसडब्लू को दी गयी थी. पर अबतक 55 में से 21 वार्ड में ही कंपनी ने काम संभाला. इसमें भी वार्ड- 37, 30 और 27 के पार्षदों ने इस कंपनी से सफाई कराने से इनकार कर दिया और इसके लिए नगरपालिका को पत्र लिख दिया.

वार्ड 37 के पार्षद अरुण झा ने कहा कि एमएसडब्लू के आने के बाद हमलोग काफी खुश थे. हमलोग समझे कि सफाई के क्षेत्र में आउसोर्सिंग हो गया है. लेकिन कंपनी के मेरे वार्ड में काम संभालने के तीन माह बाद ही मुझे घोर निराशा हुई. जनता के असंतोष को ध्यान में रखते हुए हमने नगर आयुक्त और मेयर से शिकायत कर इसे अपने वार्ड से हटाने की बात रख दी.



बता दें कि कंपनी को जिस शर्त पर काम करना है उसके मुताबिक सभी 55 वार्डों में डोर टू डोर कचरा का उठाव करना है. प्रतिदिन निकलने वाले 600 टन कचरा का क्लोज डंपिंग होना है. लेकिन सफाई में जो समस्या आ रही है वे इस प्रकार हैं - कंपनी ने 360 कचरा गाड़ी खरीदी है. लेकिन मात्र 96 का निबंधन हुआ है. यानी शहर में मात्र 96 गाड़ियां हीं कचरा उठाने के लिए निकलती हैं.
लेकिन रांची को साफ रखने में आ रही इन सारी समस्याओं के बावजूद मेयर आशा लकड़ा ने आश्वस्त किया कि सफाई व्यवस्था जल्द ही सुदृढ़ हो जायेगी.
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