Corona के संदिग्ध की मौत के बाद रिम्स में दिखी लापरवाही, अनदेखी की ये गाइड लाइन
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Corona के संदिग्ध की मौत के बाद रिम्स में दिखी लापरवाही, अनदेखी की ये गाइड लाइन
शव के साथ लापरवाही का मामला सामने आया है. (रॉयटर्स)

कोरोना (Corona) के संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए झारखंड सरकार (Jharkhand Government) का पूरा महकमा लगा है.

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रांची. कोरोना (Corona) के संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए झारखंड सरकार (Jharkhand Government) का पूरा महकमा लगा है. लेकिन रिम्स के कोविड-19 (Covid-19) सेंटर के कर्मचारियों की लापरवाही का एक मामला सामने आया है. इसके तहत एक लावारिस कोरोना संदिग्ध की मौत के बाद शवगृह तक ले जाने में सामान्य गाइड लाइन का भी पालन नहीं किया गया. रिम्स के ट्रामा सेंटर जिसे राज्य का एकीकृत कोविड-19 सेंटर में तब्दील  कोरोना के सन्दिग्ध मरीज की मौत हो गयी थी.

मौत के समय तक मरीज की कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आई. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि वो कोरोना पॉजिटिव रहा हो. इस खतरे को नजरअंदाज कर रिम्स के कर्मचारी बिना शव को विशेष प्लास्टिक कवर किये सामान्य शव जैसा ही कोविड सेंटर से शव गृह तक ले गए. हालांकि एक कर्मचारी हाथ मे जरूर शव रखने वाला किट लिए था.

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भारी थी डेडबॉडी
रिम्स कोविड-19 सेंटर के स्टाफ मुरारी और दीपक ने बताया कि डेडबॉडी काफी भारी था. इसलिए उसे सेफ्टी प्लास्टिक कवर नहीं पहना सके. शवगृह में ले जाकर प्लास्टिक कवर में शव रख देंगे. रिम्स के कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. निशिथ एक्का की माने तो किसी भी कोरोना संदिग्ध के शव को अस्पताल से शव गृह तक लाने का गाइड लाइन है. ताकि यदि मृतक संक्रमित हो तो उसके शरीर का वायरस स्प्रेड न करें. वाटरप्रूफ प्लास्टिक कवर में ही ऐसे शव को शव गृह ले जाना चाहिए.

इस तरह से संदिग्ध का शव ले जाना खतरनाक- डॉ. संजय
मेडिसिन के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. संजय सिंह कहते हैं कि जब तक किसी संदिग्ध की रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आता. उसे पॉजिटिव मानकर ही सभी सावधानियां बरतनी चाहिए. इस तरह से संदिग्ध का शव ले जाने से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है. क्योंकि संदिग्ध पॉजिटिव निकल गया उससे संक्रमण का खतरा है. क्योंकि मरीज की मौत हो जाती है उस शरीर का वायरस कई घँटे तक जीवित रह सकता है.
कोविड सेंटर में जिस मरीज की मौत हुई वह कोरोना सस्पेक्टेड था. ऐसे में जब तक उसकी रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक वह सभी सावधानी बरतनी जरूरी थी, जो कोरोना पॉजिटिव के लिए बरती जाती है.
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