Nirbhaya Case: गुनहगारों को फांसी देने पर बोले सीएम हेमंत- देर से ही सही, पर न्याय हुआ
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Nirbhaya Case: गुनहगारों को फांसी देने पर बोले सीएम हेमंत- देर से ही सही, पर न्याय हुआ
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रवासी श्रमिकों को चार्टर्ड प्लेन से वापस लाने की अनुमति मांगी (फाइल फोटो)

निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में आखिरकार 7 साल 3 महीने बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल गया. शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे दिल्ली के तिहाड़ जेल में इस मामले के चारों दोषियों को फांसी दे दी गई.

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रांची. दिल्ली के तिहाड़ जेल में निर्भया (Nirbhaya) के दोषियों (Convicts) को फांसी (Hang) देने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने खुशी जताई. उन्होंने कहा कि देर से ही सही न्याय (Justice) हुआ. चारों दोषियों को सजा दी गई. स्वास्थ्य मंत्री बना गुप्ता ने कहा कि इस फांसी से समाज में कठोर मैसेज जाएगा. बेटियों के खिलाफ अपराध घटेंगे. शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने भी फांसी का स्वागत किया.

सात साल बाद मिला इंसाफ

निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में आखिरकार 7 साल 3 महीने बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल गया. शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे दिल्ली के तिहाड़ जेल में इस मामले के चारों दोषियों को फांसी दे दी गई. पवन जल्लाद ने जेल में चारों को फांसी के फंदे पर लटका दिया. जानकारी के मुताबिक फांसी देने के बाद चारों दोषियों को आधे घंटे तक लटकाए रखा गया. इसके बाद जेल के अंदर मौजूद डॉक्टर चारों की जांच कर मौत की पुष्टि भी कर दी.



दोषियों ने आखिरी वक्त तक पैंतरा आजमाया



मामले के दोषियों ने सजा से बचने के लिए आखिरी वक्त तक हर पैंतरा आजमाया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी. दिल्ली हाईकोर्ट के बाद चारों में से एक दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जहां फांसी के कुछ घंटे पहले उसकी याचिका खारिज कर दी गई.

इससे पहले गुरुवार की देर रात दिल्ली हाईकोर्ट में निर्भया मामले की सुनवाई हुई. इसमें चारों दोषियों ने फांसी की सजा से बचने की आखिरी कोशिश की. लेकिन हाईकोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक की अर्जी को खारिज कर दिया. याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला ने याचिका का कोई ठोस आधार नहीं माना और दोषियों के वकील एपी सिंह को इस संबंध में समय बर्बाद करने के लिए फटकार भी लगाई.

कोर्ट ने कहा- अब भगवान से मिलने का समय

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई भी डॉक्यूमेंट पूरा नहीं है. न ही एनेक्सचर है, कोई एफिडेविट नहीं है और न ही किसी पार्टी का मेमो है. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस मामले में अब कुछ बचा नहीं है. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह पर गुस्साते हुए कहा कि अब समय है जब आपके क्लाइंट भगवान से मिलें. आप हमारा समय बर्बाद न करें. यदि आप कोई अहम सबूत नहीं दे सकते तो हम आपकी इस अंतिम घड़ी में कोई मदद नहीं कर सकेंगे.

इनपुट- भुवनकिशोर झा, संजय सिन्हा

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First published: March 20, 2020, 1:26 PM IST
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