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दिल्ली की निर्भया को मिला इंसाफ, अब रांची की निर्भयाओं को कब मिलेगा इंसाफ!

Rajesh Tomar | News18 Jharkhand
Updated: January 11, 2020, 11:13 PM IST
दिल्ली की निर्भया को मिला इंसाफ, अब रांची की निर्भयाओं को कब मिलेगा इंसाफ!
निर्भया गैगरेप और मर्डर केस में दोषियों को फांसी देने की कोर्ट ने तारीख तय कर दी है (Demo Pic)

इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली रांची की एक निर्भया (nirbhaya) को न्याय मिला है और दोषी को पिछले दिनों ही निचली अदालत (Court) ने मौत की सज़ा सुनाई है. लेकिन अब भी रांची (ranchi) और आसपास के जिलों में कई ऐसी निर्भयाएं हैं, जिन्हें न्याय का इंतज़ार है.

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रांची. पूरे देश को शर्मसार करने वाले निर्भया कांड में अदालत ने चारों दरिंदों को मौत की सज़ा सुनते हुए फांसी की तारीख मुकर्रर कर दी है. सजा के ऐलान के साथ ही पूरे देश को इंसाफ मिला है, खासतौर पर महिलाओं को न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास जगा है. अब उम्मीद की जा रही है कि रांची की भी कई निर्भयाओं को जल्द इंसाफ मिलेगा. हालांकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली रांची की एक निर्भया को न्याय मिला है और दोषी को पिछले दिनों ही निचली अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई है. लेकिन अब भी रांची और आसपास के जिलों में कई ऐसी निर्भयाएं हैं, जिन्हें न्याय का इंतज़ार है. सुखद बात यह है कि सूबे में सत्ता पर काबिज होते ही हेमंत सोरेन सरकार ने अपने पहली ही कैबिनेट मीटिंग में दुष्कर्म मामले की सुनवाई को लेकर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट गठन और जजों की नियुक्ति को लेकर बड़े फ़ैसले का ऐलान कर दिया है.

रांची और आसपास के कुछ चर्चित निर्भया कांड

इंजीनियरिंग की छात्रा से दुष्कर्म के बाद हत्या: घटना 15-16 दिसम्बर 2016 की है, जब पड़ोस में रहने वाला एक शख्स रात के अंधेरे में छात्रा के किराए के मकान में दीवाल फांद कर आता है और फिर थक कर सो रही छात्रा के साथ दुष्कर्म करता है. छात्रा जब विरोध करती है तो उसकी नृशंस हत्या कर देता है. इस घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया था. महीनों तक आंदोलन होता रहा था लेकिन शातिर अपराधी की पहचान करने और पकड़ने में स्थानीय पुलिस नाकाम रही था. आम लोगों में आक्रोश और बढ़ते दबाव के बीच मामला सीबीआई को सुपुर्द कर दिया गया था. सीबीआई ने कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए असली आरोपी की पहचान करते हुए उसे जेल भेज दिया था. तमाम सबूतों के आधार पर आरोपी राहुल राज को निचली अदालत ने दोषी मानते हुए सजा-ए-मौत का ऐलान कर दिया है.

लॉ छात्रा के साथ गैंगरेप: 26 नवंबर 2019 को रांची में लॉ छात्रा से गैंगरेप की घटना हुई. घटना के दिन कांके लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा अपने पुरुष मित्र के साथ बीआईटी मेसरा से अपने हॉस्टल लौट रही थी. उसी दौरान आसपास के कुछ युवकों ने छात्रा का अपहरण कर अपने साथ ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया. मामला उजागर होते ही पूरे रांचीवासी स्तब्ध और गुस्से में थे. पुलिस ने बड़ी सक्रियता के साथ मामले की पड़ताल शुरू कर जल्द ही सभी आरोपियों की पहचान करते हुए सभी को गिरफ़्तार कर लिया. इस मामले में कुल 12 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने केस से जुड़े कई अहम साक्ष्य अदालत को सौंप दिए हैं. फ़िलहाल अदालत में लगातार सुनवाई की जा रही है.

राहें की बेटी से सामूहिक दुष्कर्म: रांची से 40 किलोमीटर दूर बुंडू पीपी कॉलेज के इंटर की एक छात्रा को कॉलेज से घर लौटते वक़्त कोटांगदाग गांव के पास से कुछ बदमाशों ने अपहरण कर लिया. फिर एक सुनसान और खाली पड़े घर में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी गई. यह मामला मार्च 2019 का है. मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए छात्रा के ही कुछ दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. राहें पुलिस ने बड़े ही होशियारी से जांच करते हुए इस कांड के सभी चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. अब मामला अदालत में विचारधीन है.

धुर्वा की बेटी से दुष्कर्म: 1 मई 2019 की एक शाम जब एक नाबालिक लड़की अपने दोस्त के साथ स्थानीय शालीमार बाजार में बैठी थी, तभी हथियार से लैस तीन बदमाशों ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. फिर उसे सड़क पर फेंक मौके से फरार हो गए. इस मामले में पुलिस ने तेज़ी से तीनों आरोपी को अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पूरे मामले को लेकर पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है.

बरियातू पहाड़ी पर गैंगरेप: 31 अगस्त 2019 के शाम राजधानी के एक प्रतिष्ठित स्कूल की छात्रा अपने एक पुरुष दोस्त के साथ बरियातू पहाड़ी पर सैर के लिए शाम में निकली थी. सुनसान इस इलाके में पहले से ही कुछ युवक जुआ और शराब का सेवन कर रहे थे. इनमें से दो बदमाशों ने लड़की और उसके दोस्त को बलपूर्वक पहाड़ी के दूसरे छोर पर ले जाकर मारपीट की. फिर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया. मामला जब थाने पहुंचा तो पूरा शहर सकते में था. पुलिस ने पूरे मामले की गम्भीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू की और दोनों बदमाशों को बड़गांव से गिरफ़्तार कर लिया. लड़की की मेडिकल जांच करवाई गई और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया. आज भी दोनों आरोपी जेल में है. टीआरआइ परेड में लड़की ने दोनों की पहचान भी कर ली है. मामले की जांच अंतिम चरण में है.ये तमाम मामले अदालत में विचाराधीन हैं. जल्द ही इन पर फैसला आ सकता है. सरकार के हालिया फैसले और रुख से साफ है कि पूरे मामले में जहां भी पुलिसिया कार्रवाई की वजह से देरी हो रही है, उसे त्वरित कार्रवाई के तहत पूरा किया जाए.

इन घटनाओं के अलवा भी कई ऐसी घटनाएं हैं, जहां पुलिस अनुसंधान और कार्रवाई की वजह से सुनवाई में देरी हो रही है और कई मामलों में तो सामाजिक दबाव और लोक लिहाज़ के कारण मामले ही दर्ज नहीं हो पाते हैं. कुल मिलाकर राजधानी रांची में हाल के दिनों में दुष्कर्म की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है, जो चिंता कि विषय है. हालांकि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा की चिंता करते हुए शक्ति एप और विशेष चौकसी के मद्देनजर अलग से पुलिसबल तैनात की कई है. लेकिन जानकारी के अभाव और समुचित रूप से व्यवस्था अमल में नहीं लाने से इसका ज़्यादा फायदा दिख नहीं रहा है.

राज्य के अन्य छोटे बड़े शहरों की स्थिति भी बदतर है. आंकड़ों में देखें तो तक़रीबन 57 नाबालिगों से हर माह दुष्कर्म की धरना घटित होती है. 60 फ़ीसदी मामलों में अपने ही होते हैं, चाहे वो रिश्तेदार हो या फिर दोस्त हो. सबसे चौंकाने वाली बात है कि 30 फ़ीसदी मामले थाने नहीं पहुंच पाते हैं, इसका ताज़ा उदाहरण चुटिया थाना क्षेत्र की है, जहां एक किशोरी के साथ पड़ोस में रहने बाले मुंह बोले चाचा ने दुष्कर्म किया. बवाल भी मचा. लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई. ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है.

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First published: January 11, 2020, 10:52 PM IST
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