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38 पीएसए प्लांट में से एक भी चालू नहीं, झारखंड में ऐसी है कोरोना थर्ड वेब की तैयारी

झारखंड में पीएम केयर फंड से 38 पीएसए प्लांट लगाये जाने हैं. (फाइल फोटो)

झारखंड में पीएम केयर फंड से 38 पीएसए प्लांट लगाये जाने हैं. (फाइल फोटो)

Corona 3rd Wave: झारखंड में पीएम केयर फंड से 38 पीएसए प्लांट लगाये जाने हैं. इसकी समयसीमा 30 जुलाई तक थी. लेकिन समयसीमा पार होने के बावजूद ना तो रिम्स और ना ही रांची सदर अस्पताल में प्लांट चालू हो पाया है.

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रांची. कोरोना की तीसरी लहर (Corona 3rd Wave) की आहट अब देश में सुनने को मिल रही है, लेकिन इसको लेकर झारखण्ड में तैयारियां अब तक मुकम्मल नहीं है. प्रदेशभर में पीएसए प्लांट तैयार नहीं हो पाए हैं. हालांकि रिम्स में बना पीएसए प्लांट (PSA Plant) बनकर जरूर तैयार है. लेकिन अबतक पाइपलाइन का कनेक्शन नहीं हो पाया है. वहीं सदर असप्ताल में अभी काम चल रहा है. और उम्मीद है कि एक सप्ताह में ये प्लांट भी तैयार हो जाएगा.

कोविड की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से मरीजों को खासी परेशानियां उठानी पड़ी. लेकिन तीसरी लहर में ऑक्सीजन की कोई कमी न हो, इसको लेकर पीएसए प्लांट लगाना का निर्देश दिया गया था. पीएम केयर फंड से 38 पीएसए प्लांट लगने थे, जिसकी समय सीमा 30 जुलाई तक थी. इस दौरान सभी प्लांट की पाइपलाइन बिछाने और उसे शुरू करना था. लेकिन समयसीमा पार होने के बावजूद ना तो सूबे के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स का काम पूरा हो पाया है और ना ही रांची के सदर अस्पताल का. हालांकि दोनों का कहना है कि जल्द ही काम पूरा हो जाएगा.

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजित ने बताया कि केरल में जिस तरह से कोविड के मरीज मिल रहे हैं, उससे समय रहते अपनी तैयारियों को जल्द पूरा करना होगा. और पीएसए प्लांट इसमें सबसे अहम है. उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर सदर अस्पताल का पीएसए एक्टिव हो जाएगा.

वहीं कोरोना की तैयारियों को लेकर रिम्स में एक और प्रेशर स्विंग एब्जोर्शन प्लांट पीएसए इंस्टॉल कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि रिम्स के पीएसए प्लांट को प्रबंधन ने निरीक्षण कर इंस्टॉलेशन सटिस्फैक्टरी सर्टिफिकेट निर्गत कर दिया है. पाइपलाइन कनेक्शन के बाद इसे चालू किया जाएगा. पीएसए प्लांट इंस्टॉल होने के बाद इसके जरिये मेडिसीन डी1-डी2 और सी2 (आईसीयू) व सर्जरी विभाग के डी1-डी2 और सी2 (आईसीयू) में सप्लाई किया जाएगा. फिलहाल इसमें पाइपलाइन कनेक्शन की प्रक्रिया चालू है.

बता दें कि इससे पहले रिम्स में 3 लिक्वीड ऑक्सीजन प्लांट थे. जिन्हें रिफिल करने की जरूरत पड़ती थी. इसके माध्यम से पूराने भवन के आईसीयू व ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती थी. लेकिन पीएसए के इंस्टॉल हो जाने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है.

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