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ओमिक्रोन पर क्या कर रही है झारखंड सरकार? जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन नहीं, 30% पर वैक्सिनेशन पर उठ रहे सवाल

ओमिक्रोन पर क्या कर रही है झारखंड सरकार? जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन नहीं, 30% पर वैक्सिनेशन पर उठ रहे सवाल

 कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के खतरे के बीच भी झारखंड में पुख्ता तैयारी नहीं (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के खतरे के बीच भी झारखंड में पुख्ता तैयारी नहीं (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

Omicron in Jharkhand: झारखंड प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में भी इसकी सुविधा नहीं है जिस कारण इस तरह के वायरस की जांच के लिए सैम्पल भुवनेश्वर भेजना पड़ता था. मामले को लेकर रिम्स के पीआरओ डॉ. डी के सिन्हा का कहना है कि कोविड को लेकर रिम्स में तैयारिया जोरों पर है. रिम्स के ट्रॉमा सेंटर के साथ अस्थायी कोविड अस्पताल में भी ऑक्सीजन युक्त 100 बेड लगाए गए हैं. इसके साथ ही उन्होने बताया कि जिनोम सिक्वेंसिंग मशीन की भी खरीद 1 महीने में करने पर सहमति बनी है.

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रांची. कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के सामने आने के बाद केंद्र सरकार इस मामले पर गंभीर है और एहतियातन तमाम उपाय कर रही है. लेकिन, झारखंड एक बार फिर स्थिति भगवान भरेसे नजर आ रही है. जिसका सबसे बड़ा कारण है सरकर और स्वास्थ्य महकमे की सुस्त चाल. ऐसा इसलिए क्योंकि झारखण्ड में कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट की टेस्टिंग की कोई सुविधा नहीं है तो वही वैक्सीनेशन की दूसरी डोज का हाल भी बेहाल है.  ओमिक्रोन का मामला सामने आने के बाद भी झारखंड सरकार कितनी लापरवाह है इसका पता सिर्फ इससे समझा जा सकता है कि कोरोना के वैरिएंट की जांच के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन अब तक झारखंड में नहीं है.

झारखंड प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में भी इसकी सुविधा नहीं है जिस कारण इस तरह के वायरस की जांच के लिए सैम्पल भुवनेश्वर भेजना पड़ता था. मामले को लेकर रिम्स के पीआरओ डॉ. डी के सिन्हा का कहना है कि कोविड को लेकर रिम्स में तैयारिया जोरों पर है. रिम्स के ट्रॉमा सेंटर के साथ अस्थायी कोविड अस्पताल में भी ऑक्सीजन युक्त 100 बेड लगाए गए हैं. इसके साथ ही उन्होने बताया कि जिनोम सिक्वेंसिंग मशीन की भी खरीद 1 महीने में करने पर सहमति बनी है.

बीजेपी के तीखे सवाल
मामले पर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा  का कहना है कि कोविड के तीसरे लहार को संभावित मानते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को विशेष दिशा निर्देश तो दिए थे. वहीं इसके साथ ही मेडिकल उपकरण की खरीद को लेकर फंड भी मुहैया कराया था. बावजूद अब तक महत्वपूर्ण और अतिआवश्यक उपकरण की खरीद न हो पाना के सवाल राज्य सरकार पर खड़े करता है. वैक्सीनेशन के सेकंड डोज में महज 30% के आंकड़े तक पहुंचना  राज्य सरकार की लापरवाही का नतीजा है.

बचाव की मुद्रा में सत्ताधारी दल 
कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर वर्तमान सत्ताधारी कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा का कहना है कि राज्य सरकार इसे लेकर गंभीर और संजीदा है और लोगो की जान सुरक्षित रहे इसे लेकर हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. वहीं बीजेपी द्वारा सरकार पर सवाल उठना को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर ही हमला बोलती नजर आई.

बहरहाल कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट की सुगबुगाहट तो शुरू हो गई है लेकिन तैयारियां उस मुताबिक नहीं हो पाई है. ऐसे में जरूरी है आरोप-प्रत्यारोप के बजाए सरकार अपनी तैयारियां समय रहते दुरुस्त कर ले. वरना कहीं स्थिति बेकाबू हुई तो फिर पछताने के सिवा और कोई चारा नहीं बचेगा.

Tags: CM Hemant Soren, Corona vaccine, Coronavirus, COVID 19, Jharkhand news, JMM, Omicron, Ranchi news, Vaccine

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