27 सीनियर डॉक्टर छोड़ सकते हैं रिम्स, VRS के लिए एक और आवेदन

अंदरखाने का सच यह है कि निदेशक की कार्यशैली और निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की जांच एन्टी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी) से कराने के सरकार के फैसले से अस्पताल के डॉक्टर खफा हैं. इसलिए वीआरएस लेने का सिलसिला शुरू हो गया है

Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: July 11, 2019, 9:34 AM IST
27 सीनियर डॉक्टर छोड़ सकते हैं रिम्स, VRS के लिए एक और आवेदन
अंदरखाने का सच यह है कि निदेशक की कार्यशैली और निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की जांच एन्टी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी) से कराने के सरकार के फैसले से अस्पताल के डॉक्टर खफा हैं. इसलिए वीआरएस लेने का सिलसिला शुरू हो गया है
Upendra Kumar
Upendra Kumar | News18 Jharkhand
Updated: July 11, 2019, 9:34 AM IST
झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) से डॉक्टरों के मोहभंग होने का सिलसिला जारी है. मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय सिंह के बाद अब एक और सीनियर प्रोफेसर डॉ. विद्यापति ने भी रिम्स छोड़ने का निर्णय लिया है. इसके लिए उन्होंने अपना वीआरएस आवेदन रिम्स प्रबंधन को सौंप दिया है. डॉ विद्यापति ने अपने आवेदन में रिम्स छोड़ने का कारण खराब स्वास्थ्य को बताया है. लेकिन अंदरखाने का सच यह है कि निदेशक की कार्यशैली और निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की जांच एन्टी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी) से कराने के सरकार के फैसले से अस्पताल के डॉक्टर खफा हैं. इसलिए वीआरएस लेने का सिलसिला शुरू हो गया है.

27 सीनियर डॉक्टर छोड़ सकते हैं रिम्स 

डॉक्टरों में बढ़ रहे असंतोष और डॉ विद्यापति के इस्तीफे को लेकर जब रिम्स के निदेशक से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी वीआरएस का आवेदन नहीं मिला है. अस्पताल किसी भी स्थिति से निबटने के लिए तैयार है.

हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिम्स के करीब 27 सीनियर डॉक्टर ने अस्पताल छोड़ने का मन बना लिया है. एक के बाद एक इस्तीफा का सिलसिला शुरू हो गया है. हालांकि गत सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने रिम्स जाकर डॉक्टरों से बात की थी और दावा किया था कि डॉक्टर अस्पताल नहीं छोड़ेंगे. लेकिन इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है.

रिम्स में रोजाना राज्यभर से हजारों मरीज आते हैं


नवनियुक्त डॉक्टर ने योगदान देने से किया इंकार

इस बीच रिम्स की स्थिति को देखते हुए ट्रॉमा क्रिटिकल के लिए चयनित डॉ. राजीव रंजन ने भी यहां योगदान देने से इंकार कर दिया है. डॉ. राजीव वर्तमान में प्यारी ऑर्थो हॉस्पिटल में कार्यरत हैं. डॉ. राजीव ने बताया कि उनका चयन हुआ है, लेकिन उन्होंने रिम्स में योगदान नहीं करने का फैसला लिया है. 14 जुलाई से रिम्स के ट्रॉमा सेंटर को शुरू किया जाना है. इसके लिए डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है.
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मेडिसिन विभाग में एक भी असिस्टेंट प्रोफेसर नहीं

रिम्स के मेडिसिन विभाग में 8 प्रोफेसर, 9 एसोसिएट प्रोफेसर कार्यरत हैं. विभाग में अभी कोई असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत नहीं हैं. मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. जेके मित्रा ने कहा डॉक्टरों का रिम्स छोड़ने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है. अभी विभाग में डॉक्टर हैं, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा मिल रही है. लेकिन डॉक्टरों के छोड़ने से जहां बाकी बचे डॉक्टरों पर मरीजों का लोड बढ़ेगा, वहीं मेडिकल की पढ़ाई भी प्रभावित होगी.

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First published: July 11, 2019, 9:27 AM IST
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