Lockdown 2.0: झारखंड के एक लाख से अधिक मजदूरों के बैंक खातों में भेजे गए पैसे
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Lockdown 2.0: झारखंड के एक लाख से अधिक मजदूरों के बैंक खातों में भेजे गए पैसे
यह सहायता ऐप के माध्यम से निबंधन कराने वालों को भेजी गई है. (फाइल फोटो)

झारखंड (Jharkhand) के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन (Hemant Soren) ने मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रवासी मजदूरों के बैंक खातों में एक- एक हजार रुपये की सहायता राशि भेज कर इस योजना का शुभारंभ किया.

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रांची. कोरोना बंदी के समय आर्थिक परेशानी से जूझ रहे प्रवासी मजदूरों (Migrant Labours) को सरकारी सहायता मिलना शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने प्रोजेक्ट भवन में डीबीटी के माध्यम से झारखंड (Jharkhand) से बाहर रह रहे हैं कोरोना बंदी के समय फंसे मजदूरों को उनके खाते में एक एक हजार रुपया की सहायता राशि देने की शुरुआत की. इस दौरान कुल एक लाख ग्यारह हजार प्रवासी मजदूरो़ं को उनके खाते में राशि ट्रांसफर की गई. प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता और परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने बटन दबाकर प्रवासी मजदूरों को ऑनलाइन राशि भेजी.

29 अप्रैल तक ऐप के माध्यम से होगा प्रवासी मजदूरो़ं का निबंधन
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार सहायता ऐप के माध्यम से निबंधित प्रवासी मजदूरों को यह सहायता राशि भेजी है और जो मजदूर अब तक निबंधन नहीं करा पाए हैं वह जल्द से जल्द करा लें इसकी समय सीमा भी बढ़ा दी गई है. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के द्वारा कोरोना संकट के समय दी जा रही राशन सामग्री और बोलते हुए कहा कि जहां से भी शिकायतें आ रही है उस पर सरकार गंभीर है और उसकी जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई भी करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा की वैसे लोगों को भी सरकार राशन उपलब्ध कराएगी जो राशन कार्ड के लिए आवेदन तो किए हैं लेकिन उन्हें राशन कार्ड नहीं उपलब्ध हो पाया है, वैसे लोग अपने नजदीक के डीलर से संपर्क कर सरकारी राशन ले सकते हैं.

दो लाख से ज्यादा मजदूरों ने कराया है निबंधन



एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के दो लाख 47 हजार 25 प्रवासी मजदूरों ने अब तक इस ऐप के माध्यम से सहायता के लिए अपना निबंधन कराया है. उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों के उपायुक्तों द्वारा अब तक दो लाख 10 हजार 464 प्रवासी मजदूरों के निबंधन का अनुमोदन किया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण (Corona Virus Infection) की वजह से देश के विभिन्न राज्यों में झारखंड के मजदूर बंधु बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं.



राशन दिलवाने की हुई थी पहल
लॉकडाउन के शुरुआती चरण से ही राज्य सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों के सरकार के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रवासी मजदूरों के लिए राशन अथवा खाद्यान्न उपलब्ध कराने का काम किया था. इसी कड़ी में आज प्रवासी मजदूरों को मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना मोबाइल ऐप के जरिए 1000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराए जाने का शुभारंभ हुआ है.

कई राज्यों में फंसे हुए हैं मजदूर
गौरतलब है कि पूरे देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद इसकी अवधि का विस्तार कर दिया गया है. इस कारण देश के कई राज्यों में प्रदेश के मजूदर फंसे हुए हैं. लेकिन इन सब चे बीच झारखंड सरकार की यह पहल राहत देने वाली है. माना जा रहा है कि आर्थिक सहायता से इनकी कई समस्याओं का निपटारा हो सकेगा.

सीएम ने लॉन्च किया था ऐप
कोरोना लॉकडाउन के कारण देश के अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य सरकार ने ऐप तैयार किया था. इस कोरोना सहायता ऐप को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लॉन्च किया था. इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऐप के जरिए निबंधित प्रवासी मजदूरों के खाते में एक सप्ताह के अंदर डीबीटी के जरिए न्यूनतम एक हजार रुपये की राशि भेजने की घोषणा की थी. सीएम ने कहा था कि प्रवासी मजदूरों के परिवार का भी राज्य सरकार विशेष रुप से ध्यान रखेगी, जिससे संकट की इस घड़ी में उन्हें कोई परेशानी न हो.

 

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